जनगणना में स्वगणना की नई सुविधा, नागरिक खुद दर्ज कर सकेंगे अपनी जानकारी
जनगणना प्रक्रिया को अधिक जनसहभागिता आधारित बनाने के लिए स्वगणना की नई सुविधा शुरू की गई है। इसके तहत नागरिक स्वयं अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे और विकास प्रक्रिया में भागीदारी निभा सकेंगे। सरकार ने इसे देश निर्माण और नीति निर्धारण के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया है।
नई दिल्ली
देश के विकास और भविष्य की योजनाओं को मजबूत आधार देने के लिए जनगणना प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी तथा जनसहभागिता आधारित बनाने पर जोर दिया जा रहा है। इसी कड़ी में स्वगणना की नई सुविधा को प्रमुखता से सामने लाया गया है, जिसके तहत अब नागरिक स्वयं अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे और देश के विकास की इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया का हिस्सा बन सकेंगे।
जारी संदेश में कहा गया है कि जनगणना केवल जनसंख्या के आंकड़ों तक सीमित प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह देश की नीतियों, योजनाओं और भविष्य की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। सरकार की विभिन्न योजनाओं, संसाधनों के वितरण और विकास कार्यों की रूपरेखा तैयार करने में जनगणना के आंकड़े आधार बनते हैं।
संदेश में जनगणना की तुलना एक सफल फिल्म से करते हुए कहा गया है कि जैसे कोई फिल्म तभी सफल होती है जब पूरी टीम ईमानदारी से अपना किरदार निभाती है, उसी प्रकार एक मजबूत और विकसित भारत के निर्माण में हर नागरिक की भागीदारी जरूरी है।नई स्वगणना सुविधा को नागरिकों की सुविधा और सहभागिता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
इससे लोग स्वयं अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे और विकास यात्रा में अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर पाएंगे।संदेश के माध्यम से लोगों से अपील की गई है कि वे जनगणना प्रक्रिया में सक्रिय सहयोग करें और “हमारी जनगणना, हमारा विकास” के संकल्प को मजबूत बनाने में अपनी भूमिका निभाएं।
