प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार ने सीबीएसई और नीट परीक्षा मुद्दे पर ज्ञापन देने के निर्देश दिए
प्रदेश कांग्रेस ने सीबीएसई परीक्षा में कथित अनियमितताओं और नीट पेपर लीक मामले को लेकर जिला स्तर पर ज्ञापन सौंपने का निर्णय लिया है। पार्टी की ओर से सभी जिला अध्यक्षों को निर्देश जारी किए गए हैं कि वे 1 और 2 जून को अपने-अपने जिलों में उपायुक्तों के माध्यम से भारत के राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन भेजें। कांग्रेस ने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, निष्पक्षता और छात्रों के हितों से जुड़े मुद्दों को उठाने की बात कही है।
शिमला
जिला स्तर पर सौंपे जाएंगे ज्ञापन
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार ने प्रदेश के सभी जिला कांग्रेस अध्यक्षों को 1 और 2 जून 2026 को केंद्रीय शिक्षा मंत्री के खिलाफ ज्ञापन सौंपने के निर्देश जारी किए हैं। संगठन महासचिव विनोद जिंटा ने बताया कि यह ज्ञापन संबंधित जिलों के उपायुक्तों के माध्यम से भारत के राष्ट्रपति को भेजे जाएंगे। पार्टी संगठन की ओर से जिला इकाइयों को कार्यक्रम की तैयारी समयबद्ध तरीके से पूरी करने और स्थानीय स्तर पर पार्टी पदाधिकारियों की भागीदारी सुनिश्चित करने को कहा गया है। कांग्रेस ने कहा है कि ज्ञापन के माध्यम से परीक्षा प्रणाली से जुड़े मुद्दों को औपचारिक रूप से केंद्र सरकार के समक्ष रखा जाएगा।
सीबीएसई और नीट परीक्षा से जुड़े मुद्दों को उठाएगी कांग्रेस
पार्टी की ओर से जारी जानकारी के अनुसार ज्ञापन में सीबीएसई परीक्षा में कथित अनियमितताओं, नीट परीक्षा से जुड़े पेपर लीक मामलों तथा परीक्षा संचालन और मूल्यांकन प्रक्रिया से संबंधित विषयों को शामिल किया जाएगा। कांग्रेस ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता, निष्पक्षता और समयबद्ध प्रक्रिया सुनिश्चित करना आवश्यक है क्योंकि इन परीक्षाओं का सीधा प्रभाव लाखों विद्यार्थियों के शैक्षणिक और व्यावसायिक भविष्य पर पड़ता है। पार्टी ने यह भी कहा कि परीक्षा प्रणाली में किसी भी प्रकार की अनियमितता छात्रों और अभिभावकों के बीच विश्वास से जुड़े प्रश्न खड़े करती है, इसलिए इस विषय पर संस्थागत स्तर पर जवाबदेही तय की जानी चाहिए।
24 लाख से अधिक छात्रों ने दी थी नीट परीक्षा
संगठन महासचिव विनोद जिंटा ने कहा कि वर्ष 2026 में आयोजित नीट परीक्षा में देशभर से लगभग 24 लाख छात्र शामिल हुए थे। उन्होंने कहा कि परीक्षा से जुड़े विभिन्न मामलों और मूल्यांकन प्रक्रिया को लेकर कई राज्यों में छात्रों और अभिभावकों द्वारा चिंता व्यक्त की गई है। कांग्रेस का कहना है कि मेडिकल प्रवेश जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में पारदर्शी और विश्वसनीय व्यवस्था बनाए रखना आवश्यक है ताकि छात्रों को निष्पक्ष अवसर मिल सके। पार्टी ने केंद्र सरकार और केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय से परीक्षा संचालन प्रणाली की समीक्षा करने तथा भविष्य में ऐसी स्थितियों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी तंत्र विकसित करने की मांग की है।
जिला इकाइयों को कार्यक्रम आयोजन के निर्देश
प्रदेश कांग्रेस संगठन की ओर से सभी जिला अध्यक्षों को निर्देश दिए गए हैं कि ज्ञापन कार्यक्रम के दौरान पार्टी पदाधिकारी, निर्वाचित प्रतिनिधि, युवा कांग्रेस, एनएसयूआई और अन्य सहयोगी संगठनों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। पार्टी ने कहा कि यह कार्यक्रम लोकतांत्रिक तरीके से परीक्षा प्रणाली से जुड़े मुद्दों को उठाने के उद्देश्य से आयोजित किया जाएगा। कांग्रेस ने यह भी स्पष्ट किया कि ज्ञापन के माध्यम से छात्रों और अभिभावकों से जुड़े विषयों को प्रशासनिक स्तर पर दर्ज करवाया जाएगा ताकि संबंधित संस्थाओं द्वारा इन मामलों पर आवश्यक कार्रवाई की जा सके।