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Crime / बघाट बैंक के 7 ऋण डिफाल्टर अदालत में पेश, आंशिक भुगतान के बाद गिरफ्तारी वारंट किए गए निलंबित

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन II • 1 Hour Ago • 1 Min Read

Crime : बघाट बैंक के ऋण डिफाल्टरों के विरुद्ध चल रही रिकवरी प्रक्रिया के तहत सोलन पुलिस ने सात लोगों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया। अदालत में पेशी के दौरान संबंधित डिफाल्टरों ने ऋण की आंशिक राशि जमा की और शेष भुगतान का आश्वासन देने पर उनके गिरफ्तारी वारंट फिलहाल निलंबित कर दिए गए।

सोलन

7 ऋण डिफाल्टर अदालत में पेश

बघाट बैंक के ऋण डिफाल्टरों के विरुद्ध चलाए जा रहे रिकवरी अभियान के तहत सोलन पुलिस ने शुक्रवार को सात ऋण डिफाल्टरों को गिरफ्तार कर एआरसीएस (सहकारी समितियों के अतिरिक्त रजिस्ट्रार) की अदालत में पेश किया। इन सभी मामलों में संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ ऋण अदायगी न करने पर कानूनी प्रक्रिया के तहत गिरफ्तारी वारंट जारी किए गए थे। अदालत में पेशी के दौरान डिफाल्टरों ने बकाया ऋण की आंशिक राशि मौके पर ही जमा करवाई तथा शेष राशि निर्धारित समय में जमा कराने का लिखित आश्वासन दिया। इसके बाद न्यायालय की प्रक्रिया के अनुसार उनके गिरफ्तारी वारंट फिलहाल निलंबित कर दिए गए। अधिकारियों के अनुसार यदि निर्धारित अवधि में शेष राशि जमा नहीं की जाती है तो उनके विरुद्ध आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

दो दिनों में 10 डिफाल्टरों पर कार्रवाई, 34 लाख रुपये की रिकवरी प्रक्रिया आगे बढ़ी

पुलिस और संबंधित विभाग की कार्रवाई के तहत पिछले दो दिनों में सात अलग-अलग मामलों से जुड़े कुल 10 ऋण डिफाल्टरों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया जा चुका है। इस कार्रवाई के परिणामस्वरूप अब तक लगभग 27 लाख रुपये की नकद रिकवरी की गई है। इसके अतिरिक्त संबंधित व्यक्तियों ने 7 लाख रुपये के पोस्ट-डेटेड चेक भी जमा करवाए हैं, जिनके अगले 10 दिनों के भीतर बैंक में भुगतान के लिए प्रस्तुत किए जाने की संभावना है। इस प्रकार कुल 34 लाख रुपये की रिकवरी प्रक्रिया आगे बढ़ी है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अभियान केवल ऋण लेने वालों तक सीमित नहीं है, बल्कि जिन लोगों ने ऋण के लिए गारंटर के रूप में जिम्मेदारी ली है, उन्हें भी सहकारी बैंकिंग नियमों और कानूनी प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई के दायरे में शामिल किया जा रहा है।

115 ऋण डिफाल्टरों के विरुद्ध वारंट, कई जिलों में होगी कार्रवाई

एआरसीएस सोलन द्वारा लगभग 10 दिन पहले 115 ऋण डिफाल्टरों के विरुद्ध गिरफ्तारी वारंट जारी किए गए थे। इन मामलों से जुड़े डिफाल्टर केवल सोलन जिले तक सीमित नहीं हैं, बल्कि पुलिस जिला बद्दी, सिरमौर, कांगड़ा, ऊना और शिमला सहित प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से संबंधित हैं। वर्तमान में सोलन पुलिस इन वारंटों के निष्पादन की प्रक्रिया आगे बढ़ा रही है, जबकि अन्य जिलों की पुलिस से भी समन्वय स्थापित किया जा रहा है ताकि संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई समयबद्ध ढंग से पूरी की जा सके। अधिकारियों के अनुसार वारंट जारी होने के बाद कई डिफाल्टर स्वयं भी बकाया राशि जमा कराने के लिए आगे आ रहे हैं।

बैंक के पुनर्गठन और एनपीए कम करने पर फोकस

बघाट बैंक की वित्तीय स्थिति को मजबूत बनाने के उद्देश्य से राज्य सरकार पुनर्गठन (रिवाइवल) योजना पर कार्य कर रही है। इसी क्रम में बैंक के निदेशक मंडल (बीओडी) को निलंबित कर तीन प्रशासकों की नियुक्ति की गई है। अधिकारियों के अनुसार बैंक की शेयर पूंजी को 22 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 47 करोड़ रुपये तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके साथ ही बैंक की गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों (एनपीए) को कम करने, ऋण वसूली में तेजी लाने तथा वित्तीय व्यवस्था को मजबूत करने के लिए रिकवरी अभियान निरंतर जारी रखा गया है। बैंक प्रबंधन शेयरधारकों और खाताधारकों के सहयोग से वित्तीय सुधार की दिशा में भी कार्य कर रहा है।

अधिकारी ने दी कार्रवाई की जानकारी

एआरसीएस सोलन के गिरीश नड्डा ने बताया कि शुक्रवार को गिरफ्तार किए गए सातों ऋण डिफाल्टरों को अदालत में पेश किया गया था। उन्होंने कहा कि सभी संबंधित व्यक्तियों ने बकाया ऋण की आंशिक राशि जमा कर दी है तथा शेष राशि शीघ्र जमा कराने का आश्वासन दिया है। उन्होंने बताया कि अब तक इस अभियान के तहत लगभग 27 लाख रुपये की नकद रिकवरी तथा 7 लाख रुपये के पोस्ट-डेटेड चेक प्राप्त हुए हैं। विभाग के अनुसार अन्य लंबित मामलों में भी कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी और ऋण वसूली के लिए नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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