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Crime / कांगड़ा के पौंग डैम में अवैध मछली शिकार के 108 मामले पकड़े, मत्स्य विभाग ने वसूला 96,800 रुपये जुर्माना

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन II • 5 Hours Ago • 1 Min Read

Crime : प्रतिबंध अवधि के दौरान मत्स्य विभाग ने पौंग डैम क्षेत्र में लगातार निगरानी और निरीक्षण अभियान चलाते हुए अवैध मछली शिकार के 108 मामलों में कार्रवाई की। विभाग ने नियमों का उल्लंघन करने वालों से कुल 96,800 रुपये का जुर्माना वसूला और प्रजनन काल में मत्स्य संसाधनों के संरक्षण के लिए निगरानी अभियान आगे भी जारी रखने की बात कही।

कांगड़ा

प्रतिबंध अवधि में विभाग की कार्रवाई

हिमाचल प्रदेश की प्रसिद्ध पौंग झील में प्रत्येक वर्ष मानसून के दौरान मछलियों के प्रजनन काल को ध्यान में रखते हुए 16 जून से 15 जुलाई तक मछली पकड़ने पर पूर्ण प्रतिबंध लागू किया जाता है। इस वर्ष भी प्रतिबंध अवधि के दौरान मत्स्य विभाग ने झील क्षेत्र में नियमित निगरानी और गश्त अभियान चलाया। इस दौरान विभाग ने अवैध मछली शिकार के कुल 108 मामले दर्ज किए। नियमों का उल्लंघन करने वाले सभी लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करते हुए विभाग ने 96,800 रुपये का जुर्माना वसूला।

कई तटीय क्षेत्रों में लगातार चला निरीक्षण अभियान

मत्स्य विभाग के अतिरिक्त सहायक निदेशक संदीप कुमार ने बताया कि क्लोज सीजन के दौरान विभाग की टीमें लगातार पौंग झील के विभिन्न तटीय क्षेत्रों में सक्रिय रहीं। बरनाली, नगरोटा सूरियां, हरिपुर, धमेटा, नंदपुर, देहरा तथा आसपास के अन्य इलाकों में नियमित निरीक्षण और गश्त की गई। अभियान के दौरान 108 लोगों को कुंडी और डोरी की सहायता से प्रतिबंध अवधि में मछली पकड़ते हुए पाया गया। सभी मामलों में मत्स्य अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए निर्धारित जुर्माना लगाया गया।

प्रजनन काल में संरक्षण के लिए लागू रहता है प्रतिबंध

मत्स्य विभाग के अनुसार मानसून का समय मछलियों के प्राकृतिक प्रजनन का महत्वपूर्ण चरण होता है। इसी अवधि में मछलियों की संख्या और मत्स्य संसाधनों को सुरक्षित बनाए रखने के उद्देश्य से हर वर्ष मछली पकड़ने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाता है। विभाग का कहना है कि इस व्यवस्था का उद्देश्य पौंग झील के जलीय पारिस्थितिकी तंत्र को संतुलित बनाए रखना और भविष्य के लिए मत्स्य संसाधनों का संरक्षण सुनिश्चित करना है।

विभाग ने नियमों के पालन की अपील की

मत्स्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि पौंग झील क्षेत्र में अवैध मछली शिकार रोकने के लिए नियमित निगरानी और गश्त आगे भी जारी रहेगी। विभाग की टीमें दिन और रात दोनों समय विभिन्न तटीय क्षेत्रों में निरीक्षण कर रही हैं ताकि प्रतिबंधित गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके। विभाग ने आम लोगों और मछुआरा समुदाय से अपील की है कि वे निर्धारित नियमों का पालन करें और पौंग झील की मत्स्य संपदा तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में सहयोग दें।

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