Crime / कोर्ट परिसर में सुनवाई के दौरान पति द्वारा संदिग्ध तरल पदार्थ छिड़कने की शिकायत पर FIR दर्ज
Crime : मंडी जिला न्यायालय परिसर में सुनवाई के दौरान एक महिला द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर पुलिस ने उसके पति के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस ने कथित रूप से उपयोग किए गए पदार्थ की प्रकृति की जांच के लिए फॉरेंसिक परीक्षण की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
मंडी
सुनवाई के दौरान हुई घटना
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार यह घटना शुक्रवार को जिला न्यायालय मंडी परिसर में उस समय सामने आई, जब एक वैवाहिक विवाद से संबंधित मामले की सुनवाई चल रही थी। शिकायतकर्ता महिला ने आरोप लगाया है कि सुनवाई के दौरान उसके पीछे खड़े पति ने उस पर किसी संदिग्ध तरल पदार्थ का छिड़काव किया। महिला के अनुसार घटना के तुरंत बाद उसे हाथ और पीठ पर असामान्य ठंडक महसूस हुई, जिसके बाद उसने मामले की जानकारी न्यायालय परिसर में मौजूद संबंधित अधिकारियों और पुलिस को दी। घटना के संबंध में पुलिस ने प्रारंभिक स्तर पर तथ्यों का संज्ञान लेते हुए जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है।
वैवाहिक विवाद से जुड़ा मामला
पुलिस के अनुसार शिकायतकर्ता रीमा, निवासी गांव एवं डाकघर बग्गी, तहसील बल्ह, अपने पति मुकेश कुमार के साथ चल रहे वैवाहिक विवाद से संबंधित मामले की सुनवाई के लिए अदालत पहुंची थी। महिला ने अपनी शिकायत में कहा है कि सुनवाई के दौरान उसके शरीर पर किसी तरल पदार्थ के संपर्क का अनुभव हुआ। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि घटना के बाद उसके हाथ पर तेलनुमा पदार्थ दिखाई दिया। पुलिस मामले में शिकायतकर्ता और अन्य संबंधित व्यक्तियों के बयान दर्ज कर रही है ताकि घटनाक्रम की पुष्टि की जा सके।
पुलिस ने दर्ज की प्राथमिकी
महिला द्वारा दी गई शिकायत के आधार पर सदर थाना मंडी पुलिस ने आरोपी पति के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामला दर्ज होने के बाद घटनास्थल से जुड़े तथ्यों, उपलब्ध साक्ष्यों और प्रत्यक्षदर्शियों की जानकारी एकत्र की जा रही है। जांच के दौरान न्यायालय परिसर में मौजूद व्यक्तियों से भी पूछताछ की जा सकती है ताकि घटना के संबंध में स्पष्ट जानकारी प्राप्त हो सके।
फॉरेंसिक जांच के लिए भेजे गए साक्ष्य
पुलिस ने बताया कि कथित रूप से उपयोग किए गए पदार्थ की प्रकृति का पता लगाने के लिए उपलब्ध साक्ष्य सुरक्षित किए गए हैं। मामले की वैज्ञानिक जांच के लिए राज्य फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला की सहायता ली जा रही है। फॉरेंसिक विशेषज्ञ यह निर्धारित करेंगे कि संबंधित पदार्थ सामान्य तरल था या उसमें किसी प्रकार के रासायनिक तत्व मौजूद थे। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई और धाराओं के संबंध में आवश्यक निर्णय लेगी।
मामले की जांच जारी
पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले की जांच विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए की जा रही है। शिकायतकर्ता के आरोपों, घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों, संभावित प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों तथा फॉरेंसिक रिपोर्ट का विश्लेषण किया जाएगा। जांच पूरी होने के बाद उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आगामी कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। फिलहाल पुलिस ने मामले को जांचाधीन बताते हुए किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार करने की बात कही है।