Crime / सोलन में नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले जाने के मामले में दोषी को 4 वर्ष का कारावास
Crime : नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले जाने और अश्लील हरकतों के मामले में पोक्सो कोर्ट ने आरोपी को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई। अदालत ने मामले में प्रस्तुत साक्ष्यों और दोनों पक्षों की दलीलों पर विचार करने के बाद विभिन्न धाराओं के तहत अधिकतम चार वर्ष के कठोर कारावास और जुर्माने का आदेश दिया। यह मामला करीब चार वर्ष पूर्व दर्ज किया गया था, जिसकी सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने कई गवाह अदालत में पेश किए।
सोलन
पोक्सो कोर्ट ने आरोपी को सुनाई सजा
पोक्सो कोर्ट सोलन की जज कनिका चावला ने 13 वर्षीय बच्ची को बहला-फुसलाकर ले जाने और उसके साथ अश्लील हरकतें करने के मामले में दोषी मनीष कुमार को विभिन्न धाराओं के तहत सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपी को अधिकतम चार वर्ष के कठोर कारावास के साथ जुर्माना भी लगाया है। न्यायालय ने यह फैसला मामले में उपलब्ध साक्ष्यों, गवाहों के बयानों तथा अभियोजन एवं बचाव पक्ष की दलीलों का परीक्षण करने के बाद सुनाया।
करीब चार वर्ष पूर्व दर्ज हुआ था मामला
विशेष अभियोजक पृथ्वी सिंह नेगी के अनुसार आरोपी मनीष कुमार निवासी गांव संडोली, डाकघर हरीपुर संडोली, तहसील एवं थाना बद्दी, जिला सोलन के खिलाफ यह मामला करीब चार वर्ष पूर्व दर्ज किया गया था। अभियोजन पक्ष के अनुसार घटना वाले दिन शाम करीब चार बजे आरोपी ने ट्यूशन से घर लौट रही 13 वर्षीय बच्ची को अपने प्रभाव में लेकर जबरन वाहन में बैठाया और उसे शीतलपुर क्षेत्र की ओर ले गया। मामले के अनुसार बच्ची देर शाम तक घर नहीं पहुंची थी।
रात को घर पहुंचने पर परिजनों को बताई घटना
अभियोजन के अनुसार बच्ची रात करीब नौ बजे घर पहुंची। परिजनों ने उससे पूछताछ की तो उसने अपने साथ हुई घटना की जानकारी दी। इसके बाद परिजनों ने मामले की शिकायत पुलिस के समक्ष दर्ज करवाई। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और आवश्यक साक्ष्य एकत्रित किए। जांच के दौरान पीड़िता के बयान भी दर्ज किए गए।
अदालत में 23 गवाह किए गए पेश
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 23 गवाह अदालत में पेश किए गए। वहीं बचाव पक्ष की ओर से एक गवाह प्रस्तुत किया गया। सुनवाई के दौरान दस्तावेजी साक्ष्य, गवाहों के बयान और जांच से संबंधित रिकॉर्ड अदालत के समक्ष रखा गया। अभियोजन पक्ष ने अदालत में आरोपों के समर्थन में साक्ष्य प्रस्तुत किए, जबकि बचाव पक्ष ने अपने तर्क रखे।
विक्टिम विटनेस सपोर्ट ऑफिसर भी किया गया था नियुक्त
मामले में मुंशी आरक्षी समृद्धि को पोक्सो एक्ट के तहत विक्टिम विटनेस सपोर्ट ऑफिसर नियुक्त किया गया था। अदालत ने मामले में प्रस्तुत सभी तथ्यों, साक्ष्यों और गवाहों के बयानों का परीक्षण करने के बाद आरोपी मनीष कुमार को दोषी करार दिया। इसके बाद न्यायालय ने संबंधित धाराओं के तहत कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई।