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Crime / उत्तराखंड में गर्भवती महिला से मारपीट और लिंग परीक्षण के आरोप, आरोपी पति गिरफ्तार

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन II • 1 Hour Ago • 1 Min Read

Crime : देहरादून के सहसपुर क्षेत्र में गर्भवती महिला के साथ कथित मारपीट, उत्पीड़न और गर्भस्थ शिशु के लिंग परीक्षण से जुड़े आरोपों का मामला सामने आया है। पीड़िता के परिजनों ने आरोपी पति पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिनके आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू की है। पुलिस के अनुसार आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक प्रक्रिया के तहत भेज दिया गया है, जबकि मामले से जुड़े सभी तथ्यों और आरोपों की विस्तृत जांच की जा रही है।

देहरादून

गर्भवती महिला से कथित उत्पीड़न का मामला

सहसपुर कोतवाली क्षेत्र के जस्सोवाला गांव में गर्भवती महिला के साथ कथित मारपीट और उत्पीड़न से जुड़े मामले में पीड़िता के परिजनों ने कई गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का दावा है कि आरोपी पति बबलू अपनी पत्नी सीमा को हरियाणा के पानीपत ले गया, जहां कथित रूप से गर्भस्थ शिशु का अवैध लिंग परीक्षण कराया गया। परिवार का आरोप है कि जांच के दौरान गर्भ में बालिका होने की जानकारी मिलने के बाद आरोपी का व्यवहार बदल गया और उसने पत्नी के साथ दुर्व्यवहार तथा प्रताड़ना शुरू कर दी। परिजनों का कहना है कि महिला उस समय गर्भवती थी और लगातार मानसिक एवं शारीरिक दबाव का सामना कर रही थी। मामले में लगाए गए सभी आरोपों की जांच पुलिस द्वारा की जा रही है और संबंधित तथ्यों का सत्यापन किया जा रहा है।

परिवार के अनुसार घटना केवल हाल की नहीं है, बल्कि विवाह के बाद से ही महिला को विभिन्न प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। परिजनों का आरोप है कि आरोपी समय-समय पर पत्नी के साथ मारपीट करता था और घरेलू विवाद लगातार बने रहते थे। पुलिस मामले में पीड़िता, उसके परिजनों और अन्य संबंधित लोगों के बयान दर्ज कर रही है ताकि घटनाक्रम की पूरी जानकारी जुटाई जा सके।

वर्ष 2019 में हुआ था प्रेम विवाह

पीड़िता के पिता शेर सिंह ने बताया कि वर्ष 2019 में सीमा और बबलू ने प्रेम विवाह किया था। उनका आरोप है कि विवाह के कुछ समय बाद ही दोनों के बीच विवाद शुरू हो गए थे और आरोपी अक्सर उनकी बेटी के साथ मारपीट करता था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बाद में परिवार को जानकारी मिली कि आरोपी पहले से दो शादियां कर चुका है। परिजनों के अनुसार उसकी एक पत्नी पानीपत में उसकी मां के साथ रहती है। परिवार का कहना है कि यह जानकारी उन्हें विवाह के बाद मिली।

शेर सिंह के अनुसार सीमा की पहले से दो बेटियां हैं और तीसरी बार गर्भवती होने के दौरान आरोपी उस पर गर्भस्थ शिशु का लिंग परीक्षण कराने का दबाव बना रहा था। परिजनों का आरोप है कि इसी मुद्दे को लेकर परिवार में विवाद बढ़ता गया। उन्होंने कहा कि उनकी बेटी ने कई बार परिवार को अपनी परेशानियों की जानकारी दी थी, जिसके बाद वे लगातार उसकी स्थिति पर नजर बनाए हुए थे।

पानीपत ले जाने का आरोप

परिवार का आरोप है कि आरोपी हरियाणा से वाहन लेकर आया और सीमा को अपने साथ पानीपत ले गया। वहां किसी अल्ट्रासाउंड सेंटर में गर्भस्थ शिशु की जांच कराई गई। परिजनों का दावा है कि जांच के बाद आरोपी का व्यवहार और अधिक आक्रामक हो गया। उनका कहना है कि पानीपत से लौटने के बाद आरोपी ने महिला के साथ कथित रूप से प्रताड़ना शुरू कर दी और उसे शारीरिक रूप से नुकसान पहुंचाया गया, जिससे उसकी तबीयत बिगड़ गई।

परिजनों ने आरोप लगाया है कि महिला को लगातार प्रताड़ित किया गया और घटना की जानकारी मिलने पर वे मौके पर पहुंचे। इसके बाद उन्होंने सीमा को वहां से निकालकर उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया। परिवार का कहना है कि चिकित्सकीय जांच और अन्य दस्तावेज भी मामले की जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। पुलिस इन सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

परिजनों ने लगाए अतिरिक्त आरोप

पीड़िता की दादी कुसुम ने आरोप लगाया कि आरोपी पुत्र की इच्छा रखता था और इसी कारण वह गर्भस्थ शिशु को लेकर नाराज था। उन्होंने कहा कि परिवार को आशंका है कि इसी वजह से महिला के साथ दुर्व्यवहार किया गया। वहीं, अन्य परिजनों ने भी आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। परिवार का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर सभी तथ्यों को सामने लाया जाना चाहिए।

परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि महिला को लंबे समय से मानसिक दबाव में रखा जा रहा था। उनका कहना है कि यदि समय रहते हस्तक्षेप नहीं किया जाता तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी। परिवार ने प्रशासन से मामले की विस्तृत जांच कराने की मांग की है।

पुलिस ने दर्ज की प्राथमिकी

कोतवाली प्रभारी प्रदीप रावत ने बताया कि मामले में प्राप्त शिकायत और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक प्रक्रिया के तहत जेल भेज दिया है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखकर की जा रही है और सभी आरोपों की पुष्टि साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले में चिकित्सकीय रिपोर्ट, पीड़िता और परिजनों के बयान तथा अन्य उपलब्ध साक्ष्यों को जांच का हिस्सा बनाया गया है। यदि जांच के दौरान अतिरिक्त तथ्य सामने आते हैं तो उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।

सुरक्षा की मांग

पीड़िता के पिता शेर सिंह ने आरोपी को हिस्ट्रीशीटर बताते हुए परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने आरोप लगाया कि आरोपी से जुड़े कुछ लोग उनके घर के आसपास देखे गए हैं, जिससे परिवार असहज महसूस कर रहा है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से सुरक्षा उपलब्ध कराने और मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने की मांग की है।परिवार का कहना है कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए उन्हें पर्याप्त सुरक्षा दी जानी चाहिए।

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