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दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश पर सोनम वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल से मेदांता अस्पताल किया जाएगा शिफ्ट

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन II • 8 Hours Ago • 1 Min Read

दिल्ली हाई कोर्ट ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल से मेदांता अस्पताल स्थानांतरित करने का निर्देश दिया है। अदालत ने मेदांता अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों का विशेष पैनल गठित करने, अब तक की सभी मेडिकल जांच और उपचार संबंधी रिपोर्ट नई मेडिकल टीम को उपलब्ध कराने तथा उपचार की प्रक्रिया निर्धारित चिकित्सीय मानकों के अनुसार जारी रखने के निर्देश भी दिए हैं।

नई दिल्ली

हाई कोर्ट ने अस्पताल स्थानांतरण की अनुमति दी

दिल्ली हाई कोर्ट ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल से मेदांता अस्पताल स्थानांतरित करने का आदेश दिया है। यह आदेश उनकी पत्नी गीतांजलि आंग्मो द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई के बाद मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ ने दिया। अदालत ने कहा कि वांगचुक का आगे का उपचार मेदांता अस्पताल में किया जाएगा और उपचार प्रक्रिया निर्धारित मेडिकल प्रोटोकॉल के अनुसार आगे बढ़ेगी।

विशेषज्ञ डॉक्टरों का पैनल करेगा उपचार

अदालत ने निर्देश दिया कि मेदांता अस्पताल में सोनम वांगचुक के उपचार के लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों का एक विशेष पैनल गठित किया जाए। इसके साथ ही सफदरजंग अस्पताल और अब तक उपचार से जुड़े सभी संस्थानों की मेडिकल रिपोर्ट, जांच रिकॉर्ड और अन्य चिकित्सीय दस्तावेज नई मेडिकल टीम को उपलब्ध कराए जाएं, ताकि उपचार बिना किसी व्यवधान के जारी रखा जा सके।

पत्नी की याचिका पर आया अदालत का फैसला

सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंग्मो ने हाई कोर्ट में दायर याचिका में कहा था कि उनके पति को उनकी इच्छा के विरुद्ध सफदरजंग अस्पताल में रखा गया है और परिवार उन्हें अपनी पसंद के निजी अस्पताल में उपचार दिलाना चाहता है। याचिका में मेदांता अस्पताल में स्थानांतरण की अनुमति देने का अनुरोध किया गया था, जिस पर सुनवाई के बाद डिवीजन बेंच ने यह आदेश पारित किया।

सिंगल बेंच ने पहले अंतरिम राहत देने से किया था इनकार

इससे पहले दिल्ली हाई कोर्ट की सिंगल बेंच ने वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल से डिस्चार्ज कर किसी निजी अस्पताल में स्थानांतरित करने संबंधी अंतरिम राहत देने से इनकार किया था। बाद में मामले की सुनवाई डबल बेंच के समक्ष हुई, जिसने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अस्पताल बदलने की अनुमति प्रदान की।

केंद्र सरकार और अस्पताल प्रशासन से मांगी गई थी रिपोर्ट

मामले की सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार और अस्पताल प्रशासन को नोटिस जारी कर विस्तृत मेडिकल रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे। अदालत ने एम्स, सफदरजंग अस्पताल और एक निजी लैब से उपलब्ध चिकित्सीय रिपोर्ट को रिकॉर्ड पर लाने को कहा था, ताकि स्वास्थ्य संबंधी स्थिति का समग्र मूल्यांकन किया जा सके।

24 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं सोनम वांगचुक

सोनम वांगचुक पिछले 24 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं। उन्हें जंतर-मंतर से सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उनका उपचार चल रहा था। उन्होंने पहले कहा था कि संसद में नीट पेपर लीक के मुद्दे पर चर्चा और जिम्मेदारी तय किए जाने को लेकर आश्वासन मिलने पर वह अपना अनशन समाप्त करने पर विचार करेंगे। अदालत के ताजा आदेश के बाद अब उनका उपचार मेदांता अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में किया जाएगा।

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