धर्मशाला के नड्डी में एशिया की सबसे लंबी जिपलाइन परियोजना पर समीक्षा, 36 माह में पूरा करने का लक्ष्य
Himachalnow / धर्मशाला
धर्मशाला के नड्डी क्षेत्र में प्रस्तावित जिपलाइन परियोजना को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। लगभग 5.3 किलोमीटर लंबी इस परियोजना को 36 महीनों में पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है और संबंधित विभागों को आवश्यक औपचारिकताएं शीघ्र पूरी करने को कहा गया है।
धर्मशाला
परियोजना को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित
धर्मशाला के समीप नड्डी क्षेत्र में 22 अप्रैल को प्रस्तावित जिपलाइन परियोजना को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता शाहपुर के विधायक एवं उपमुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया ने की। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया और परियोजना से जुड़ी वर्तमान स्थिति, तकनीकी पहलुओं तथा विभागीय समन्वय को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक का उद्देश्य परियोजना के कार्यों को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाना और विभिन्न विभागों के बीच तालमेल सुनिश्चित करना रहा।
निर्देश: औपचारिकताएं और समन्वय प्रक्रिया तेज हो
बैठक के दौरान संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए कि संयुक्त बैठकें और साइट निरीक्षण की प्रक्रिया को शीघ्र पूरा किया जाए, ताकि परियोजना के कार्य में अनावश्यक विलंब न हो। विशेष रूप से वन विभाग से संबंधित अनुमतियों और अन्य औपचारिकताओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने पर जोर दिया गया। अधिकारियों को यह भी कहा गया कि परियोजना से जुड़े सभी प्रशासनिक और तकनीकी पहलुओं को समन्वय के साथ आगे बढ़ाया जाए।
परियोजना का स्वरूप और समयसीमा
बैठक में बताया गया कि नड्डी व्यू प्वाइंट क्षेत्र में लगभग 5.3 किलोमीटर लंबी जिपलाइन का निर्माण प्रस्तावित है, जिसे एशिया की सबसे लंबी जिपलाइन के रूप में विकसित किया जाएगा। इस परियोजना की अनुमानित लागत करीब 7.50 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है और इसे 36 महीनों के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। परियोजना के माध्यम से क्षेत्र में साहसिक पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने की योजना है।
पर्यावरण-अनुकूल विकास और संभावित प्रभाव
परियोजना को पर्यावरण-अनुकूल तरीके से विकसित करने की योजना है, जिसमें पेड़ों की कटाई से बचते हुए प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। धौलाधार पर्वत श्रृंखला के बीच प्रस्तावित यह जिपलाइन परियोजना क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा दे सकती है और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने में सहायक हो सकती है।
अन्य विषयों पर भी हुई चर्चा
बैठक के दौरान डल स्थित दुर्वेश्वर मंदिर में होने वाली आरती, मंदिर के सौंदर्यीकरण और अन्य स्थानीय विकास से जुड़े विषयों पर भी चर्चा की गई। इस अवसर पर नगर निगम धर्मशाला के आयुक्त जफर इकबाल, एडीएम कांगड़ा शिल्पी वेक्टा, डीएफओ धर्मशाला अमित शर्मा, जलशक्ति, विद्युत एवं लोक निर्माण विभाग के अधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी और स्थानीय प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
