धर्मशाला और नूरपुर नशा निवारण केंद्रों में नशा मुक्ति के लिए निःशुल्क उपचार और सेवाएं उपलब्ध
Himachalnow / धर्मशाला
धर्मशाला और नूरपुर स्थित नशा निवारण केंद्रों में नशे से प्रभावित व्यक्तियों के लिए निःशुल्क उपचार, परामर्श और पुनर्वास सेवाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। जिला रेडक्रॉस सोसायटी के अनुसार यहां विभिन्न चिकित्सा और काउंसलिंग माध्यमों से नशा मुक्ति का कार्य किया जा रहा है।
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नशा निवारण केंद्रों का संचालन
जिला रेडक्रॉस सोसायटी कांगड़ा के सचिव ओपी शर्मा ने बताया कि प्रयास भवन धर्मशाला में नवंबर 2025 से जिला नशा निवारण केंद्र संचालित किया जा रहा है, जबकि नूरपुर में वर्ष 2017 से नशा निवारण एवं पुनर्वास केंद्र कार्यरत है। इन केंद्रों का उद्देश्य नशे से प्रभावित व्यक्तियों को उपचार और पुनर्वास सुविधा उपलब्ध कराना है। यहां भर्ती किए जाने वाले व्यक्तियों को चिकित्सा सुविधा के साथ निरंतर देखरेख प्रदान की जाती है ताकि वे सामान्य जीवन की ओर लौट सकें।
उपचार और काउंसलिंग की व्यवस्था
इन केंद्रों में नशे के विभिन्न प्रकारों का उपचार मनोरोग चिकित्सा, योग, ध्यान और नियमित काउंसलिंग के माध्यम से किया जाता है। मरीजों के लिए एकल काउंसलिंग, समूह काउंसलिंग और पारिवारिक काउंसलिंग सत्र आयोजित किए जाते हैं ताकि मानसिक और सामाजिक स्तर पर सुधार हो सके। इसके साथ ही शैक्षणिक सत्र भी आयोजित किए जाते हैं, जिससे मरीजों को सकारात्मक जीवन शैली अपनाने में सहायता मिलती है और पुनर्वास प्रक्रिया मजबूत होती है।
स्टाफ और निःशुल्क सुविधाएं
केंद्रों में परियोजना अधिकारी, काउंसलर, मनोवैज्ञानिक, फार्मासिस्ट, वार्ड बॉय, चौकीदार, हाउसकीपिंग स्टाफ और कुक सहित एक समर्पित टीम कार्यरत है। यहां भर्ती व्यक्तियों को परामर्श और दवाइयां पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध करवाई जाती हैं। प्रशासन के अनुसार इन सेवाओं का उद्देश्य नशा प्रभावित लोगों को आर्थिक बोझ के बिना बेहतर उपचार उपलब्ध कराना है ताकि अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें।
लाभार्थियों की संख्या और अपील
नवंबर 2025 से मार्च 2026 के बीच धर्मशाला केंद्र में 40 और नूरपुर केंद्र में 306 व्यक्तियों ने सेवाओं का लाभ लिया है। ओपी शर्मा ने कहा कि जो भी व्यक्ति नशे से छुटकारा पाना चाहता है, वह इन केंद्रों से संपर्क कर सकता है और उपलब्ध सुविधाओं का लाभ लेकर सामान्य जीवन की ओर लौट सकता है।