Digital Land Registry / मुख्यमंत्री ने लॉन्च की डिजिटल भूमि रजिस्ट्री, राजस्व मामलों में पूरी तरह पेपरलेस और कैशलेस सिस्टम की शुरुआत
Digital Land Registry : ‘माई डीड’, संशोधित जमाबंदी, ई-रोजनामचा और कारगुजारी जैसी डिजिटल पहलों का शुभारंभ मुख्यमंत्री ने किया। अब लोगों को जमीन की रजिस्ट्री और अन्य राजस्व कार्यों के लिए कार्यालयों के बार-बार चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। नई व्यवस्था पेपरलेस, प्रजेंसलेस और कैशलेस होगी।
शिमला
राजस्व प्रणाली में पारदर्शिता और सुगमता लाने के लिए शुरू हुई नई पहलें
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने ‘माई डीड’ एनजीडीआरएस प्रोजेक्ट के तहत जमीन की रजिस्ट्री प्रक्रिया को आसान और डिजिटल बनाने की पहल की। बिलासपुर, चंबा, हमीरपुर, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला, सिरमौर, सोलन और ऊना की चयनित तहसीलों में यह पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया गया है।
संशोधित जमाबंदी और ई-रोजनामचा से होगी आम लोगों को सहूलियत
सरल हिंदी में तैयार की गई नई जमाबंदी से अब पुरानी भाषाओं की जटिलता हटाई गई है। ई-रोजनामचा से पटवारियों को अपनी गतिविधियों का डिजिटल रिकॉर्ड रखने में आसानी होगी, जबकि कारगुजारी प्रणाली से दैनिक उपस्थिति ऑनलाइन दर्ज की जा सकेगी।
डिजिटल सेवाओं से घर बैठे मिलेंगी राजस्व सुविधाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार की मंशा है कि लोग बिना कार्यालय आए ही सारी राजस्व सेवाएं प्राप्त कर सकें। इसके लिए डिजिटल हस्ताक्षर सहित फर्द प्राप्त करने, ऑनलाइन म्यूटेशन रजिस्टर और न्यायालय प्रबंधन प्रणाली तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
‘खान्गी तकसीम’ मिशन मोड में, सभी उपायुक्तों को निर्देश
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि साझा खातों को सिंगल ओनर सिस्टम में लाने के लिए ‘खान्गी तकसीम’ को मिशन मोड में अपनाया जाए। इन पहलों से भूमि विवादों में कमी आएगी और प्रशासनिक पारदर्शिता बढ़ेगी। राजस्व मंत्री, विधायकगण और विभागीय अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित रहे।