Disaster Management / सिरमौर में 8 स्थलों पर मेगा मॉक ड्रिल, आपदा से निपटने की तैयारियों को परखा गया
Disaster Management : जिला सिरमौर में आपदा प्रबंधन की तैयारियों को परखने तथा विभिन्न विभागों के बीच समन्वय को मजबूत बनाने के उद्देश्य से जिला स्तरीय मेगा मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस दौरान भूकंप, बाढ़, भूस्खलन, वनाग्नि, भवन ध्वस्त होने और आगजनी जैसी विभिन्न आपदा परिस्थितियों पर आधारित अभ्यास किए गए, जिनमें संबंधित विभागों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।
सिरमौर/नाहन
जिला प्रशासन, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और विभिन्न विभागों के सहयोग से आयोजित इस मेगा मॉक ड्रिल के तहत जिले के सभी उपमंडलों में कुल आठ विभिन्न आपदा स्थलों पर अभ्यास किया गया। नाहन में रुचिरा पेपर्स मिल में आग लगने और भूकंप से क्षति की स्थिति, बनेठी क्षेत्र में रात्रिकालीन वनाग्नि, पच्छाद के एसवीएन कॉलोनी सराहां में भवन ध्वस्त होने, राजगढ़ के शिरगुल मार्केट चौक में भवन गिरने तथा पांवटा साहिब के सिरमौरी ताल क्षेत्र में भूस्खलन की काल्पनिक परिस्थितियों का सफलतापूर्वक अभ्यास किया गया।
विभिन्न आपदा परिदृश्यों पर किया गया अभ्यास
इसके अतिरिक्त शिलाई के टिंबी क्षेत्र में बाढ़ और भवन ध्वस्त होने, कफोटा के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला सतौन में भवन ध्वस्त होने और आग लगने तथा संगड़ाह के पुरानी तहसील श्री रेणुका जी क्षेत्र में भवन ध्वस्त होने जैसी परिस्थितियों को आधार बनाकर राहत एवं बचाव कार्यों का परीक्षण किया गया। अभ्यास के दौरान खोज एवं बचाव अभियान, घायलों को प्राथमिक उपचार, अस्पतालों तक पहुंचाने, राहत शिविर स्थापित करने, पुनर्वास और संचार व्यवस्था बहाल करने जैसी प्रक्रियाओं का भी मूल्यांकन किया गया।
विभागीय समन्वय और संसाधनों की जांच
मॉक ड्रिल में पुलिस, होमगार्ड, अग्निशमन विभाग, स्वास्थ्य विभाग, लोक निर्माण विभाग, जल शक्ति विभाग, विद्युत बोर्ड, पंचायती राज संस्थाओं, स्वयंसेवी संगठनों और अन्य संबंधित विभागों ने भाग लिया। विभिन्न टीमों ने आपदा की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया, संसाधनों की उपलब्धता और राहत कार्यों के संचालन की क्षमता का प्रदर्शन किया।
काल्पनिक आपदा परिदृश्य के आधार पर किया गया आकलन
अभ्यास के दौरान 2,500 मृतक, 18,000 घायल, 6,000 अस्पताल में भर्ती और 1,50,000 लोगों के बेघर होने की काल्पनिक स्थिति को आधार बनाकर राहत एवं बचाव व्यवस्थाओं की प्रभावशीलता का परीक्षण किया गया। इसके साथ ही राहत शिविरों की स्थापना, खाद्य सामग्री और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति तथा आपदा के समय वित्तीय और प्रशासनिक प्रबंधन की प्रक्रियाओं का भी अभ्यास किया गया।
आपदा प्रबंधन योजना को बनाया जाएगा और प्रभावी
कार्यकारी उपायुक्त सिरमौर एल.आर. वर्मा ने कहा कि इस प्रकार के अभ्यास वास्तविक आपदा की स्थिति में त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि मॉक ड्रिल से प्राप्त अनुभवों और सुझावों के आधार पर जिला आपदा प्रबंधन योजना को और अधिक मजबूत बनाया जाएगा। जिला प्रशासन ने सभी विभागों और नागरिकों के सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि भविष्य में भी ऐसे अभ्यास नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे।