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Dragon Fruit Farming / 74 की उम्र में ड्रैगन फ्रूट की खेती से रची आत्मनिर्भरता की मिसाल, ऊना के रोशन लाल से सीखें नवाचार का तरीका

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन • 24 Jun 2025 • 1 Min Read

Dragon Fruit Farming : बंगाणा के उपरली बॉल गांव में रोशन लाल ने 3300 पौधे लगाए, 25 कनाल में उगाई ताइवानी किस्म, इस बार 4.5 लाख तक आमदनी की उम्मीद

ऊना/वीरेंद्र बन्याल

बुजुर्ग किसान ने तोड़ा पारंपरिक ढर्रा, 74 साल की उम्र में ड्रैगन फ्रूट की आधुनिक खेती से बनाई नयी पहचान

ड्रैगन फ्रूट से मिली उम्मीद की नई राह
ऊना जिला के बंगाणा उपमंडल के उपरली बॉल गांव निवासी 74 वर्षीय रोशन लाल ने साबित किया है कि उम्र नवाचार में बाधा नहीं है। वर्ष 2023 में उन्होंने छोटे स्तर पर ड्रैगन फ्रूट की खेती शुरू की। आज 25 कनाल भूमि में लगाए गए 3300 ताइवान पिंक किस्म के पौधों ने फल देना शुरू कर दिया है। हर फल की कीमत खेत से ही 80 से 100 रुपये मिल रही है और इस वर्ष 4 से 4.5 लाख रुपये तक आमदनी की संभावना है।

25 साल तक देगा एक ही पौधा फल
ड्रैगन फ्रूट औषधीय गुणों से भरपूर होता है और इसमें पोटैशियम, कैल्शियम, एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-एजिंग तत्व पाए जाते हैं। यह फल स्वादिष्ट होने के साथ ही पोषण से भरपूर है और बाजार में महंगे दाम पर बिकता है। इसकी खासियत यह है कि एक बार लगाया गया पौधा 25 से 30 वर्षों तक फल देता है, जिससे यह किसानों के लिए एक स्थायी आमदनी का माध्यम बनता है।

मिश्रित खेती से कमाई को दी नई दिशा
रोशन लाल ने केवल ड्रैगन फ्रूट की खेती नहीं की, बल्कि प्याज, लहसुन और प्याज की पनीरी जैसे फसलों की मिश्रित खेती से भी संतुलन बनाए रखा। पिछले वर्ष उन्होंने इन फसलों से 20 हजार रुपये कमाए, जबकि ड्रैगन फ्रूट की आंशिक बिक्री से 15 हजार रुपये की आमदनी हुई। यह मॉडल अन्य किसानों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

सरकारी योजनाओं और तकनीकी मार्गदर्शन से मिला बल
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत रोशन लाल को ड्रिप इरिगेशन सिस्टम 80 प्रतिशत अनुदान पर मिला। बागवानी विभाग से उन्हें तकनीकी मार्गदर्शन, पोषण सलाह और सुरक्षा उपायों की मदद मिलती रही। पहले जहां जंगली जानवर फसलों को नुकसान पहुंचाते थे, अब परिस्थितियां काफी सुधर चुकी हैं।

उपरली बॉल बना मॉडल बागवानी क्लस्टर
बागवानी विकास अधिकारी वीरेंद्र कुमार के अनुसार, अगस्त 2023 में उपरली बॉल गांव में 8 प्रगतिशील किसानों के साथ 18.75 लाख रुपये की परियोजना के तहत फ्रंट लाइन डेमोंस्ट्रेशन साइट बनाई गई। इसमें सीमेंट पोल, बाड़बंदी और पौधारोपण जैसे कार्य किए गए हैं। यह गांव अब ड्रैगन फ्रूट और सब्जी उत्पादन के संयोजन से एक प्रेरणादायक मॉडल बन रहा है।

जिलाधीश ने सराहा नवाचार का प्रयास
ऊना के जिलाधीश जतिन लाल ने कहा कि ड्रैगन फ्रूट जैसी नवाचारी और लाभदायक फसलों की खेती से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है। जिला प्रशासन किसानों को ऐसे प्रयासों के लिए लगातार प्रोत्साहित कर रहा है ताकि वे आत्मनिर्भर हिमाचल की दिशा में ठोस कदम बढ़ा सकें।