लेटेस्ट हिमाचल प्रदेश न्यूज़ हेडलाइंस

Dussehra 2022: कब है दशहरा? जानिए- विजयदशमी का शुभ मुहूर्त और महत्व

SAPNA THAKUR | 19 सितंबर 2022 at 12:46 pm

Share On WhatsApp Share On Facebook Share On Twitter

HNN/ नाहन

दशहरा हिंदुओं का एक बेहद खास त्योहार है। दशहरा हर साल आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को मनाया जाता है। इस त्योहार को बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक मानकर मनाया जाता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, इसी दिन भगवान श्रीराम लंकापति रावण का वध कर अयोध्या वापस आए थे। हिमाचल में यह पर्व हर साल बड़ी धूमधाम के साथ मनाया जाता है। जिला मुख्यालय नाहन के चौगान मैदान में दशहरे की रात्रि को रावण, मेघनाथ और कुंभकर्ण के पुतले जलाए जाते है।

इससे पहले नाहन के ऐतिहासिक चौगान मैदान में रावण, कुंभकर्ण व मेघनाथ के विशालकाय पुतले तैयार किए जाते है और फिर उन्हें जलाया जाता है। रावण दहन को देखने के लिए यहां सैकड़ों की तादाद में लोगों का हुजूम उमड़ता है। बता दे, दशहरे पर ग्रामीण क्षेत्रों में शस्त्रों की पूजा भी की जाती है। प्राचीन समय से इस दिन सनातन धर्म में शस्त्र पूजन की परंपरा चली आ रही है। इस दिन लोग शस्त्र पूजन के साथ ही वाहन पूजन भी करतें हैं।

हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें: Join WhatsApp Group

विजयदशमी 2022 की तिथि और मुहूर्त
इस साल आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि मंगलवार, 4 अक्टूबर को दोपहर 2 बजकर 20 मिनट से प्रारंभ होगी और अगले दिन यानी बुधवार, 05, अक्टूबर को दोपहर 12 बजे तक रहेगी। दशहरा 05 अक्टूबर को ही मनाया जाएगा। इस दौरान श्रवण नक्षत्र 4 अक्टूबर को रात 10 बजकर 51 मिनट से लेकर 5 अक्टूबर को रात 09 बजकर 15 मिनट तक रहेगा।

विजयदशमी पर शुभ योग
विजय मुहूर्त – बुधवार, 5 अक्टूबर को दोपहर 02 बजकर 13 मिनट से लेकर 2 बजकर 54 मिनट तक।
अमृत काल- बुधवार, 5 अक्टूबर सुबह 11 बजकर 33 से लेकर दोपहर 1 बजकर 2 मिनट तक।
दुर्मुहूर्त – बुधवार, 5 अक्टूबर सुबह 11 बजकर 51 मिनट से लेकर 12 बजकर 38 मिनट तक।

दशहरा का महत्व
विजयदशमी की दो कथाएं बहुत ज्यादा प्रचलित हैं। पहली कथा के अनुसार, आश्विन माह के शुक्ल की दशमी तिथि को प्रभु श्रीराम ने रावण की मारकर लंका पर विजयी परचम लहराया था। विजयदशमी के ठीक 20 दिन बाद दीपावली का पर्व मनाया जाता है। कहते हैं कि इस दिन भगवान श्रीराम 14 साल का वनवास काटकर माता सीता के साथ अयोध्या वापस आए थे। दूसरी कथा के अनुसार, विजय दशमी के दिन आदि शक्ति मां दुर्गा ने दस दिन तक चले भीषण संग्राम के बाद महिषासुर राक्षस का वध किया था। कहते हैं कि तभी से विजय दशमी मनाने की परंपरा चली आ रही है।

हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें

ताज़ा खबरों और अपडेट्स के लिए अभी हमारे WhatsApp ग्रुप का हिस्सा बनें!

Join WhatsApp Group

आपकी राय, हमारी शक्ति!
इस खबर पर आपकी प्रतिक्रिया साझा करें


[web_stories title="false" view="grid", circle_size="20", number_of_stories= "7"]