दयोड़-हणोगी टनलें खुलीं, मंडी-कुल्लू की दूरी घटकर 60 किमी हुई
कीरतपुर-मनाली फोरलेन परियोजना के तहत दयोड़ से हणोगी के बीच बनी टनलें यातायात के लिए खोल दी गई हैं। इससे मंडी से कुल्लू की दूरी 78 किलोमीटर से घटकर 60 किलोमीटर हो गई है और दो घंटे से अधिक समय वाला सफर अब करीब एक घंटे में पूरा हो रहा है। नए मार्ग से वाहन चालकों को पुराने राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम और पहाड़ी से पत्थर गिरने के खतरे से भी राहत मिलेगी।
मंडी
टनलें खुलने से अब वाहन चालकों को खोतीनाला और जोगणी माता मंदिर से होकर गुजरने वाले पुराने संकरे राजमार्ग का उपयोग नहीं करना पड़ेगा। इस हिस्से में वाहनों की अधिक आवाजाही के कारण लंबा जाम लगता था और पहाड़ी से पत्थर गिरने का खतरा बना रहता था। टैक्सी ऑपरेटर यूनियन पंडोह के चेयरमैन परमदेव, जीप चालक कौल सिंह तथा बस ऑपरेटर दिनेश और डोला राम ने बताया कि टनलें शुरू होने से सफर सुरक्षित हुआ है और ईंधन की भी बचत हो रही है।
मौजूदा मार्ग से ढाई किलोमीटर कम हुआ सफर
दयोड़-हणोगी के बीच खुली एक टनल की लंबाई 2.8 किलोमीटर और दूसरी की लंबाई 650 मीटर है। पुराने राजमार्ग से इसी हिस्से का सफर करीब छह किलोमीटर था, जबकि टनलों से यातायात शुरू होने के बाद वाहन चालकों को लगभग ढाई किलोमीटर कम दूरी तय करनी पड़ेगी। पूरे फोरलेन प्रोजेक्ट के तहत मंडी-कुल्लू की दूरी 60 किलोमीटर रह गई है। स्थानीय लोगों और पर्यटकों के अनुसार इससे कुल्लू आना-जाना पहले के मुकाबले अधिक आसान और आरामदायक हो गया है।
पंडोह बायपास-टकोली परियोजना में बनीं 10 टनलें
पंडोह बायपास-टकोली फोरलेन परियोजना के अंतर्गत कुल 10 टनलों का निर्माण किया गया है। इनमें से पांच टनलें पहले ही यातायात के लिए खोली जा चुकी थीं, लेकिन दयोड़-हणोगी टनल इनका मुख्य प्रवेश द्वार थी। इसे खोले जाने का लंबे समय से इंतजार किया जा रहा था। परियोजना की तीन टनलें पिछले वर्ष बरसात के कारण क्षतिग्रस्त हो गई थीं। उनकी मरम्मत का काम चल रहा है और आने वाले समय में उन्हें भी यातायात के लिए खोलने की बात कही गई है।