शिमला में घरेलू सहायिका रखने के 10 दिन बाद करोड़ों के गहने और नकदी चोरी
शिमला के फिंगास्क क्षेत्र में एक कारोबारी बुजुर्ग महिला के घर से करोड़ों रुपये के पुश्तैनी आभूषण और नकदी चोरी होने का मामला सामने आया है। घरेलू सहायिका उपलब्ध कराने वाली कथित कंपनी की ओर से व्हाट्सऐप कॉल आने के बाद एक महिला को काम पर रखा गया था। दस दिन बाद वारदात हुई और उसी दिन से वह घरेलू सहायिका भी लापता है। सदर पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाकर जांच शुरू कर दी है।
शिमला/शिमला
घटना सात सितंबर की रात की बताई गई है। प्रारंभिक जांच के अनुसार, घरेलू सहायिका ने कथित तौर पर तीन लोगों को घर बुलाया था। आरोप है कि घर की मालकिन और वहां कार्यरत दूसरी सहायिका को खाने में नशीला पदार्थ दिया गया, जिससे दोनों बेसुध हो गईं। अगली सुबह होश आने पर घर से पुश्तैनी गहने और नकदी गायब मिले। इसके बाद पीड़ित महिला ने सदर पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके का निरीक्षण कर सीसीटीवी फुटेज और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए हैं।
पहचान दस्तावेज देने से करती रही आनाकानी
पीड़ित महिला ने पुलिस को बताया कि वह दस दिनों तक घरेलू सहायिका से उसका मोबाइल नंबर और पहचान से जुड़े दस्तावेज मांगती रही, लेकिन वह हर बार कोई न कोई बहाना बनाती रही। पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि महिला को नौकर रखने के संबंध में पहले व्हाट्सऐप कॉल आई थी। जांच टीम तकनीकी पहलुओं, सीसीटीवी फुटेज और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर संदिग्धों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
पुलिस ने सत्यापन कराने की अपील की
एएसपी गौरवजीत सिंह ने बताया कि मामले के प्रत्येक पहलू की गहनता से जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में पीड़ित महिला को घरेलू सहायक रखने के लिए व्हाट्सऐप कॉल आने की जानकारी मिली है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी श्रमिक या घरेलू सहायक को काम पर रखने से पहले संबंधित पुलिस थाने में उसका सत्यापन अवश्य करवाएं, ताकि पहचान और पृष्ठभूमि से जुड़ी आवश्यक जानकारी आधिकारिक रूप से दर्ज हो सके।