कल सुबह संगड़ाह में गूंजेगा सायरन, रेस्क्यू टीमें होंगी अलर्ट पर
संगड़ाह में 15 जून को आयोजित होने वाली मेगा मॉक ड्रिल के तहत आपदा प्रबंधन तैयारियों का व्यापक अभ्यास किया जाएगा। भूकंप, बादल फटने और जंगल की आग जैसी आपदा परिस्थितियों में राहत एवं बचाव व्यवस्था की क्षमता को परखा जाएगा। प्रशासन ने लोगों से सायरन सुनकर अफवाहों से बचने और घबराने से परहेज करने की अपील की है।
संगड़ाह
रविवार सुबह संगड़ाह में अचानक सायरन की आवाज गूंजेगी। सायरन बजते ही रेस्क्यू टीमें मैदान में उतरेंगी, राहत एवं बचाव अभियान शुरू होगा और आपदा से निपटने की तैयारियों की परीक्षा होगी। हालांकि प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह किसी वास्तविक आपदा का संकेत नहीं बल्कि प्रदेशव्यापी मेगा मॉक ड्रिल का हिस्सा है।हिमाचल प्रदेश आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की 10वीं स्टेट-वाइड मेगा मॉक एक्सरसाइज के तहत 15 जून को संगड़ाह में व्यापक आपदा अभ्यास आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 9 बजे के बाद चेतावनी सायरन बजने से होगी।
सायरन के बाद स्थानीय लोगों की सहभागिता से सामुदायिक प्रतिक्रिया का अभ्यास कराया जाएगा। इसके उपरांत पुरानी तहसील भवन के समीप भवन गिरने की काल्पनिक घटना पर आधारित रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जाएगा, जिसमें स्ट्राइक टीम राहत एवं बचाव कार्यों का प्रदर्शन करेगी।उपमंडलाधिकारी सुनील कायथ ने बताया कि मॉक ड्रिल के दौरान भूकंप, बादल फटने तथा जंगल की आग जैसी आपदा परिस्थितियों से निपटने की तैयारियों को परखा जाएगा। अभ्यास में आपदा प्रबंधन दल, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, अग्निशमन विभाग, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल तथा आम नागरिक भाग लेंगे।प्रशासन ने क्षेत्रवासियों से अपील की है कि सायरन की आवाज सुनकर किसी प्रकार की अफवाह या घबराहट न फैलाएं। यह केवल आपदा प्रबंधन तैयारियों को मजबूत करने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा अभ्यास है।