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650 शिक्षा केंद्रों तक पहुंची ‘एक से श्रेष्ठ’ पहल, 12 हजार बच्चों को मिल रहा लाभ

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन • 46 Mins Ago • 1 Min Read

‘एक से श्रेष्ठ’ पहल ने लगभग पांच वर्षों में 650 शिक्षा केंद्रों का पड़ाव हासिल किया है और इससे करीब 12 हजार बच्चे लाभान्वित हो रहे हैं। बिलासपुर में आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने एक्ट टू ट्रांसफार्म फाउंडेशन के शैक्षणिक प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि ये केंद्र बच्चों तक शिक्षा पहुंचाने के साथ उन्हें बेहतर भविष्य के लिए आगे बढ़ने का अवसर भी दे रहे हैं।

बिलासपुर

आर्ट एंड कल्चर ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि 650 केंद्र केवल एक संख्या नहीं हैं, बल्कि ये ऐसे स्थान हैं जहां बच्चों तक ज्ञान पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि समावेशी, कुशल और भविष्य के लिए तैयार भारत के निर्माण में शिक्षा की केंद्रीय भूमिका है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020, पीएम श्री, निपुण भारत, डिजिटल इंडिया और कौशल विकास जैसी पहलों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर के प्रयास शिक्षा और सामाजिक सहभागिता को समुदायों के करीब लाते हैं।

राज्यपाल ने कहा कि प्रत्येक बच्चे को, चाहे वह शहर में रहता हो या दूरदराज के गांव में, सीखने और आगे बढ़ने के समान अवसर मिलने चाहिए। शिक्षा केवल स्कूल तक पहुंच सुनिश्चित करने तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि बच्चों को आवश्यक संसाधन, मार्गदर्शन और आत्मविश्वास भी मिलना चाहिए। उन्होंने बच्चों को निःशुल्क शिक्षा, शिक्षण सामग्री और अन्य सहायता उपलब्ध करवाने के लिए फाउंडेशन की प्रशंसा की।

शिक्षकों को लैपटॉप, बच्चों को शिक्षण सामग्री वितरित

कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने शिक्षकों को लैपटॉप वितरित किए। उन्होंने शिक्षकों से तकनीक का इस्तेमाल केवल शिक्षण सहायता के रूप में नहीं, बल्कि बच्चों की व्यक्तिगत सीखने की जरूरतों को समझने और उनका समाधान करने के लिए भी करने का आग्रह किया। बच्चों को स्टडी टेबल, स्कूल बैग, नोटबुक, स्टेशनरी, जूते और ट्रैकसूट भी दिए गए। राज्यपाल ने कहा कि ऐसी सहायता बच्चों को यह भरोसा देती है कि उनकी शिक्षा और सपने महत्वपूर्ण हैं तथा समाज को उनकी क्षमताओं पर विश्वास है।

राज्यपाल ने बताया कि इस पहल से 692 प्रत्यक्ष रोजगार अवसर सृजित हुए हैं, जिनमें करीब 90 प्रतिशत अवसर महिलाओं को मिले हैं। इनमें लगभग 60 प्रतिशत लोगों को कार्यक्रम के माध्यम से पहली बार रोजगार मिला। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, निःशुल्क शिक्षा और जरूरी संसाधन मिलने से 12 हजार से अधिक परिवारों ने सामूहिक रूप से 5.40 करोड़ रुपये से अधिक की बचत की है। उन्होंने कहा कि इस प्रयास की उपलब्धि बच्चों के आत्मविश्वास, अभिभावकों की कम हुई चिंता और परिवारों में बेहतर भविष्य की उम्मीद में दिखाई देती है।

राज्यपाल ने 650 केंद्रों की उपलब्धि को बड़े मिशन की शुरुआत बताते हुए फाउंडेशन, शिक्षकों, स्वयंसेवकों, समन्वयकों, अभिभावकों और सहयोगियों को बधाई दी। इससे पहले सांसद अनुराग ठाकुर ने उनका स्वागत किया और ‘एक से श्रेष्ठ’ पहल की जानकारी दी। कार्यक्रम में विधायक जे.आर. कटवाल, त्रिलोक जम्वाल और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

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