Election / 100 साल के बुजुर्गों से लेकर पहली बार वोट डालने वाली युवतियों तक, सिरमौर में दिखा लोकतंत्र का अद्भुत उत्साह
Election : सिरमौर में पंचायत चुनावों के दौरान बुजुर्गों और युवाओं दोनों में लोकतंत्र को लेकर खास उत्साह देखने को मिला। 100 वर्षीय बुजुर्गों से लेकर पहली बार मतदान करने वाली युवतियों तक, सभी ने बढ़-चढ़कर मतदान में भाग लिया। मतदान केंद्रों पर दिखा यह उत्साह पूरे जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है।
नाहन
हिमाचल प्रदेश पंचायती राज चुनाव 2026 के दूसरे चरण में जिला सिरमौर में लोकतंत्र का उत्सव पूरे जोश और उत्साह के साथ मनाया गया। वीरवार को जिले की 90 पंचायतों के 538 पोलिंग बूथों पर मतदाताओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं। खास बात यह रही कि इस बार चुनावों में युवा और बुजुर्ग दोनों वर्गों ने बढ़-चढ़कर भागीदारी निभाई, जिसकी तस्वीरें अब पूरे जिले में चर्चा का विषय बनी हुई हैं।
पांवटा साहिब उपमंडल की शिवपुर पंचायत से लोकतंत्र की सबसे प्रेरणादायक तस्वीर सामने आई, जहां 100 वर्षीय सुरजीत कौर और 100 वर्षीय श्रवण सिंह मतदान करने पोलिंग बूथ पहुंचे। उम्र के इस पड़ाव पर भी दोनों बुजुर्गों का मतदान के प्रति उत्साह लोगों के लिए मिसाल बन गया। मतदान केंद्र पर मौजूद लोगों ने उनका सम्मान किया और उनके जज्बे को लोकतंत्र की असली ताकत बताया।
वहीं राजगढ़ उपमंडल की ग्राम पंचायत धनच मानवा की 92 वर्षीय मिनकी देवी भी लाठी के सहारे मतदान केंद्र पहुंचीं और अपने मताधिकार का प्रयोग किया। उनका यह उत्साह यह साबित करता नजर आया कि लोकतंत्र में हर एक वोट की कितनी अहमियत होती है। मतदान केंद्र पर मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी उनके जज्बे की सराहना की।
दूसरी ओर युवा मतदाताओं में भी जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। बनकला पंचायत की तपस्या और वसुंधरा ने पहली बार मतदान कर लोकतंत्र के इस महापर्व में अपनी भागीदारी निभाई। पहली बार वोट डालने के बाद दोनों युवतियों के चेहरे पर अलग ही उत्साह दिखाई दिया। तपस्या ने कहा कि एक वोट केवल अधिकार नहीं बल्कि भविष्य तय करने की ताकत भी होता है। उन्होंने युवाओं से बढ़-चढ़कर मतदान करने की अपील भी की।
पंचायत चुनावों में इस बार जिला प्रशासन सिरमौर द्वारा चलाए गए मतदाता जागरूकता अभियानों का असर भी साफ दिखाई दिया। दूरदराज के गांवों से लेकर दुर्गम क्षेत्रों तक मतदाता मतदान केंद्रों तक पहुंचे और लोकतंत्र के पर्व में शामिल हुए। बुजुर्गों के अनुभव और युवाओं के जोश का यह संगम अब पूरे सिरमौर में लोकतंत्र की सबसे खूबसूरत तस्वीर बनकर उभर रहा है।
