Election / 92 वर्षीय मिनकी देवी से लेकर पहली बार वोट डालने वाली तपस्या-वसुंधरा तक, लोकतंत्र के महापर्व में दिखा गजब उत्साह
Election : संगड़ाह क्षेत्र में पंचायत चुनावों के दौरान बुजुर्गों और युवाओं दोनों में मतदान को लेकर खास उत्साह देखने को मिला। 92 वर्षीय मिनकी देवी ने मतदान केंद्र पहुंचकर लोकतंत्र के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाई, वहीं तपस्या और वसुंधरा ने पहली बार मतदान किया। पंचायत चुनावों की ये तस्वीरें क्षेत्र में प्रेरणा और जागरूकता का संदेश दे रही हैं।
सिरमौर/नाहन
पंचायत चुनावों के दौरान जिला सिरमौर के विकास खंड संगड़ाह से लोकतंत्र की बेहद प्रेरणादायक तस्वीरें सामने आई हैं। एक ओर ग्राम पंचायत धांच मनुवा की 92 वर्षीय मिनकी देवी ने मतदान केंद्र पहुंचकर अपने मताधिकार का प्रयोग किया, वहीं दूसरी ओर बनकला पंचायत की युवा मतदाता तपस्या और वसुंधरा ने पहली बार मतदान कर लोकतंत्र के इस महापर्व में अपनी भागीदारी निभाई। बुजुर्गों के अनुभव और युवाओं के उत्साह का यह संगम पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।लाठी के सहारे मतदान केंद्र पहुंचीं 92 वर्षीय मिनकी देवी ने यह साबित कर दिया कि लोकतंत्र में हर एक वोट की कितनी अहमियत होती है। उम्र के इस पड़ाव पर भी उनका मतदान के प्रति उत्साह युवाओं के लिए प्रेरणा बन गया। मतदान केंद्र पर मौजूद लोगों ने उनका सम्मान किया और प्रशासनिक अधिकारियों ने भी उनके जज्बे की सराहना की।
वहीं बनकला पंचायत की तपस्या और वसुंधरा पहली बार मतदान करने को लेकर बेहद उत्साहित नजर आईं। दोनों युवतियों ने मतदान के बाद कहा कि लोकतंत्र को मजबूत बनाने में हर मतदाता की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। तपस्या ने कहा कि एक वोट केवल अधिकार नहीं बल्कि भविष्य तय करने की ताकत भी होता है। पहली बार मतदान करने का अनुभव उनके लिए गर्व और जिम्मेदारी का एहसास लेकर आया।पंचायत चुनावों में इस बार युवा और बुजुर्ग दोनों वर्गों में भारी उत्साह देखने को मिला। जिला प्रशासन सिरमौर द्वारा लगातार चलाए गए मतदाता जागरूकता अभियानों का असर अब गांव-गांव में साफ दिखाई दे रहा है। दूरदराज के क्षेत्रों से भी लोग बढ़-चढ़कर मतदान केंद्रों तक पहुंचे और लोकतंत्र के पर्व में सहभागी बने।
ग्रामीणों का कहना है कि जहां मिनकी देवी जैसी बुजुर्ग महिलाएं लोकतंत्र की जीवंत प्रेरणा हैं, वहीं तपस्या और वसुंधरा जैसी युवा मतदाता आने वाले समय के जागरूक भारत की तस्वीर पेश कर रही हैं। पंचायत चुनावों की यह तस्वीरें अब केवल मतदान तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि समाज को जागरूकता, जिम्मेदारी और लोकतंत्र की ताकत का संदेश भी दे रही हैं।
