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2027 से पहले सिरमौर में कांग्रेस का बूथ अभियान तेज, भाजपा सांसदों से पूछेगी हिमाचल के हक का हिसाब

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन • 3 Hours Ago • 1 Min Read

2027 के रण में उतरने से पहले कांग्रेस ने कसी कमर, बूथ-बूथ भाजपा को घेरेगी पार्टी

सिरमौर में “बूथ-बूथ पर जाएंगे, कांग्रेस को मजबूत बनाएंगे” अभियान तेज, चार भाजपा सांसदों से हिमाचल के हक का हिसाब मांगने की तैयारी

नाहन। वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले सत्तारूढ़ कांग्रेस ने सिरमौर में संगठन को चुनावी मोड में लाते हुए बूथ स्तर पर अपनी पकड़ मजबूत करने की कवायद तेज कर दी है। “बूथ-बूथ पर जाएंगे, कांग्रेस को मजबूत बनाएंगे” अभियान के जरिए कांग्रेस अब बैठकों से निकलकर सीधे जनता के बीच उतरने की तैयारी में है। पार्टी जहां प्रदेश सरकार की उपलब्धियों को घर-घर पहुंचाएगी, वहीं केंद्र की भाजपा सरकार और प्रदेश के चार भाजपा सांसदों को हिमाचल के वित्तीय अधिकारों, आपदा राहत और जनहित से जुड़े मुद्दों पर घेरने की रणनीति भी तैयार की गई है।

बुधवार को जिला कांग्रेस प्रभारी धर्मेंद्र धामी ने विधायक अजय सोलंकी और जिला कांग्रेस अध्यक्ष आनंद परमार की मौजूदगी में पत्रकार वार्ता में अभियान की रूपरेखा सामने रखी। धामी ने बताया कि श्री रेणुका जी विधानसभा क्षेत्र से छह सितंबर को अभियान की शुरुआत हो चुकी है। जोन अध्यक्ष, बूथ अध्यक्ष, पंचायत अध्यक्ष और नवगठित कार्यकारिणी के साथ बैठकें कर संगठन को जमीनी स्तर पर सक्रिय किया जा रहा है। 10 सितंबर को हुई जिला स्तरीय बैठक में प्रत्येक पदाधिकारी और कार्यकर्ता की जिम्मेदारी तय करने का निर्णय लिया गया।

धामी ने कहा कि कांग्रेस का संगठन अब केवल बैठकों तक सीमित नहीं रहेगा। कार्यकर्ता बूथ-बूथ और घर-घर जाकर जनता से सीधा संवाद करेंगे। प्रदेश सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों की जानकारी लोगों तक पहुंचाने के साथ केंद्र की भाजपा सरकार की नीतियों, महंगाई और हिमाचल के वित्तीय अधिकारों से जुड़े मुद्दों को भी जनता के बीच उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि 2027 के चुनाव से पहले कांग्रेस अपने संगठन को पूरी तरह सक्रिय और बूथ स्तर तक मजबूत करना चाहती है।

सोलंकी का केंद्र पर हमला- चार सांसद दिल्ली में, फिर हिमाचल के हक की पैरवी कौन करेगा?

विधायक अजय सोलंकी ने केंद्र की भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि हिमाचल की जनता ने लोकसभा चुनाव में भाजपा के चारों सांसदों को चुनकर दिल्ली भेजा है। ऐसे में प्रदेश के वित्तीय अधिकारों, आपदा राहत और लंबित केंद्रीय सहायता के मुद्दों पर इन सांसदों की जवाबदेही भी बनती है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब हिमाचल आर्थिक दबाव और प्राकृतिक आपदाओं से जूझ रहा था, तब प्रदेश के हक की आवाज केंद्र के सामने कितनी मजबूती से उठाई गई।

सोलंकी ने कहा कि केंद्र से मिलने वाले संसाधनों और अनुदानों में कटौती का सीधा असर प्रदेश के विकास और आम जनता पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि हिमाचल के साथ वित्तीय मामलों में किए जा रहे व्यवहार पर भाजपा के प्रदेश नेतृत्व और चारों सांसदों को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। कांग्रेस कार्यकर्ता इन मुद्दों को लेकर बूथ स्तर तक जनता के बीच जाएंगे और बताएंगे कि प्रदेश के हितों की लड़ाई में कौन मजबूती से खड़ा है।

सोलंकी ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली प्रदेश सरकार ने व्यवस्था परिवर्तन को केवल राजनीतिक नारा नहीं बनाया, बल्कि नीतिगत फैसलों के माध्यम से इसे जमीन पर उतारने का प्रयास किया है। प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने, किसानों-बागवानों को विभिन्न फसलों पर समर्थन मूल्य देने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में सरकार ने कई कदम उठाए हैं।

Election: 2027 से पहले सिरमौर में कांग्रेस का बूथ अभियान तेज, भाजपा सांसदों से पूछेगी हिमाचल के हक का हिसाब

उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस सरकार ने चुनाव के दौरान जनता से किए वादों को चरणबद्ध तरीके से पूरा किया है। शिक्षा विभाग का उदाहरण देते हुए सोलंकी ने कहा कि सत्ता संभालने के समय करीब 16,500 पद खाली थे, जबकि अब यह संख्या करीब 4,500 रह गई है। शिक्षकों की भर्ती को आवश्यकता वाले विद्यालयों से जोड़कर वास्तविक जरूरत वाले संस्थानों को प्राथमिकता दी जा रही है।

सोलंकी ने कहा कि “अपना परिवार, सुखी परिवार” योजना के प्रथम चरण में करीब दो लाख परिवारों को 1,500 रुपये की सहायता शुरू की गई है। उन्होंने कहा कि व्यवस्था में सुधार के लिए लिए गए कुछ फैसले तत्काल राजनीतिक रूप से कठोर नजर आ सकते हैं, लेकिन इनके दूरगामी परिणाम प्रदेश के हित में होंगे। आपदा के दौरान प्रदेश सरकार द्वारा अपने संसाधनों से प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाने का दावा करते हुए उन्होंने केंद्र से अपेक्षित सहयोग नहीं मिलने का आरोप भी लगाया।

सोलंकी ने नाहन मेडिकल कॉलेज को लेकर कहा कि आगामी 15 दिनों में चार रेडियोलॉजिस्ट की नियुक्ति की जाएगी। इससे क्षेत्र के मरीजों को स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए बाहर जाने की परेशानी कम होगी।

परमार का भाजपा पर वार- चार सांसद देने के बावजूद हिमाचल को क्या मिला?

जिला कांग्रेस अध्यक्ष आनंद परमार ने भाजपा पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि हिमाचल की जनता ने लोकसभा चुनाव में चारों सीटें भाजपा की झोली में डालीं, लेकिन प्रदेश के वित्तीय हितों की लड़ाई में भाजपा सांसदों की भूमिका पर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता जानना चाहती है कि दिल्ली में हिमाचल के अधिकारों की पैरवी कितनी मजबूती से की गई।

परमार ने आरडीजी अनुदान का मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया कि केंद्र के फैसले से हिमाचल के करीब 10 हजार करोड़ रुपये प्रभावित हुए हैं। उन्होंने कहा कि यह किसी सरकार या राजनीतिक दल का पैसा नहीं, बल्कि हिमाचल की जनता के हक का पैसा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से हिमाचल को 1,500 करोड़ रुपये देने के कथित आश्वासन का हवाला देते हुए उन्होंने सवाल किया कि यदि प्रदेश को यह राशि देने की बात कही गई थी तो अब तक इसका क्या हुआ।

परमार ने कहा कि कांग्रेस इन सवालों को लेकर गांव-गांव जाएगी। बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं के माध्यम से केंद्र की भाजपा सरकार और प्रदेश के चारों भाजपा सांसदों से जुड़े सवालों को जनता के बीच उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि 2027 का विधानसभा चुनाव केवल सत्ता का चुनाव नहीं होगा, बल्कि हिमाचल के अधिकारों और प्रदेश के हितों की लड़ाई का भी चुनाव होगा।

कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि आने वाले महीनों में संगठनात्मक अभियान को और तेज किया जाएगा। बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारियां सौंपकर प्रदेश सरकार की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने और भाजपा को जनहित तथा हिमाचल के अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर घेरने की रणनीति पर काम किया जाएगा।

प्रेस वार्ता में प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता रूपेंद्र ठाकुर, मंडल अध्यक्ष ज्ञान चौधरी, नगर परिषद नाहन की अध्यक्ष उपमा धीमान, पार्षद नरेंद्र तोमर, मीडिया प्रभारी मदन सूर्यवंशी, युवा कांग्रेस नेता सुमित तथा वरिष्ठ कांग्रेस नेता अनिल शर्मा उर्फ टिप्पू सहित पार्टी के अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।

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