हिमाचल / बिजली महापंचायत में गरजे बोर्ड के कर्मचारी और पेंशनर, उठाई वेतन, पेंशन और स्थायी भर्ती की मांग
बिलासपुर में आयोजित बिजली महापंचायत में राज्य विद्युत बोर्ड के कर्मचारी और पेंशनर सरकार और बोर्ड प्रबंधन के खिलाफ जमकर गरजे। इस दौरान कर्मचारियों और पेंशनरों की विभिन्न मांगों को उठाया गया, जिनमें पुरानी पेंशन बहाली, आउटसोर्स भर्ती पर रोक और नियमित भर्तियों की प्रक्रिया शुरू करने जैसी मांगें प्रमुख रहीं। इसके साथ ही हाल ही में चर्चा में रहे चीफ इंजीनियर विमल नेगी की मौत का मामला भी महापंचायत में जोर-शोर से उठाया गया।
कर्मचारियों ने सरकार से की 1000 करोड़ रुपये जारी करने की मांग
संघर्ष समिति के सह संयोजक हीरा लाल वर्मा ने कहा कि विद्युत बोर्ड में कर्मचारियों की संख्या लगातार घट रही है और अब यह सिर्फ 13,000 रह गई है, बावजूद इसके प्रबंधन यह तर्क दे रहा है कि कर्मचारियों की संख्या अधिक है। उन्होंने कहा कि बोर्ड की मौजूदा वित्तीय स्थिति ठीक नहीं है और सरकार को बोर्ड के लिए 1000 करोड़ रुपये जारी करने चाहिए। यदि सरकार यह राशि देती है तो बोर्ड की सभी वित्तीय समस्याएं समाप्त हो जाएंगी।
पुरानी पेंशन और आउटसोर्स भर्ती पर रोक लगाने की मांग
कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन बहाली की मांग करते हुए कहा कि बोर्ड के कर्मचारियों को भी इसका लाभ मिलना चाहिए। इसके अलावा, आउटसोर्स भर्ती पर स्थायी नीति बनाने और भविष्य में सभी भर्तियां नियमित रूप से करने की मांग उठाई गई। पेंशनरों के वित्तीय लाभों को सुनिश्चित करने के लिए भी सरकार से जल्द निर्णय लेने की अपील की गई।
बिजली बोर्ड के कर्मचारी और पेंशनर सड़कों पर उतरे
महापंचायत के बाद विद्युत बोर्ड के कर्मचारी और पेंशनर अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतर आए। उन्होंने कन्या पाठशाला बिलासपुर से उपायुक्त कार्यालय तक पैदल मार्च किया और सरकार व बोर्ड प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान “विमल नेगी अमर रहे” के नारे भी लगाए गए। अंत में कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा।
बिजली बोर्ड में वेतन और भुगतान के लिए केंद्रीयकृत प्रणाली लागू
इस बीच, राज्य बिजली बोर्ड के कर्मचारियों और अधिकारियों के वेतन और अन्य भुगतानों के लिए एक नई समयबद्ध केंद्रीयकृत प्रणाली शुरू की गई है। इस प्रणाली का संचालन अब बोर्ड स्तर पर शिमला मुख्यालय में वित्त प्रभाग से किया जाएगा। बोर्ड लिमिटेड के अध्यक्ष संजय गुप्ता ने इसका शुभारंभ करते हुए कहा कि इस सुविधा से कर्मचारियों और अधिकारियों के वेतन व अन्य भुगतानों में पारदर्शिता आएगी और समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा।
इस नई प्रणाली के तहत विद्युत बोर्ड में कार्यरत 11,916 अराजपत्रित कर्मचारी, 1,319 राजपत्रित अधिकारी और 28,952 पेंशनधारकों को कंप्यूटरीकृत ईआरपी व सैप तकनीक के माध्यम से भुगतान की सुविधा मिलेगी। साथ ही, फील्ड में कार्यरत 121 आहरण व संवितरण अधिकारियों को भी इससे राहत मिलेगी।