चंबा में 6 से 9 जुलाई तक विशेष पंजीकरण अभियान, सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए रजिस्ट्रेशन जरूरी
कृषि विभाग ने जिला चंबा में 6 से 9 जुलाई तक किसान रजिस्ट्री के लिए विशेष अभियान आयोजित करने का कार्यक्रम जारी किया है। विभाग के अनुसार भविष्य में केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न किसान कल्याण योजनाओं तथा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ पंजीकृत किसानों को ही उपलब्ध कराया जाएगा, इसलिए किसानों से निर्धारित शिविरों में आवश्यक दस्तावेजों के साथ पहुंचने की अपील की गई है।
चम्बा
किसान रजिस्ट्री के लिए चार दिवसीय विशेष अभियान
कृषि विभाग द्वारा आत्मा परियोजना के अंतर्गत एग्रीस्टैक (Agristack) आधारित किसान रजिस्ट्री अभियान के तहत 6 जुलाई से 9 जुलाई तक जिला चंबा में विशेष पंजीकरण शिविर आयोजित किए जाएंगे। परियोजना निदेशक, आत्मा, डॉ. नितिन कुमार शर्मा ने बताया कि अभियान का उद्देश्य जिले के अधिक से अधिक किसानों का किसान रजिस्ट्री पोर्टल पर पंजीकरण सुनिश्चित करना है, ताकि भविष्य में विभिन्न कृषि एवं किसान कल्याण योजनाओं का लाभ पात्र किसानों तक व्यवस्थित रूप से पहुंच सके।
निर्धारित तिथियों पर इन स्थानों पर लगेंगे शिविर
अभियान के तहत 6 जुलाई को तहसील चुराह के ग्राम चरड़ा, 7 जुलाई को तहसील चुराह के ग्राम मंगला, 8 जुलाई को तहसील तेलका की ग्राम पंचायत मौहड़ा तथा 9 जुलाई को उप-तहसील भलेई के ग्राम वान्हागल में विशेष शिविर लगाए जाएंगे। विभाग ने बताया कि अभियान के संचालन और पंजीकरण प्रक्रिया को सुचारु बनाने के लिए शिमला से विशेषज्ञों की टीम भी जिला चंबा पहुंचेगी, जो किसानों के पंजीकरण कार्य में तकनीकी सहयोग प्रदान करेगी।
सरकारी योजनाओं के लिए पंजीकरण रहेगा आवश्यक
डॉ. नितिन कुमार शर्मा ने किसानों से निर्धारित तिथियों पर शिविरों में पहुंचकर किसान रजिस्ट्री करवाने का आग्रह किया है। उन्होंने बताया कि भविष्य में भारत सरकार और हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा संचालित विभिन्न किसान कल्याण योजनाओं का लाभ केवल पंजीकृत किसानों को ही दिया जाएगा। इसके साथ ही प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) योजना के लाभार्थियों के लिए भी किसान रजिस्ट्री आवश्यक होगी। विभाग ने किसानों से अपने क्षेत्र के अन्य किसानों को भी इस अभियान की जानकारी देने की अपील की है।
पंजीकरण के लिए ये दस्तावेज साथ लाना अनिवार्य
कृषि विभाग के अनुसार किसान रजिस्ट्री के लिए आधार कार्ड, आधार से लिंक मोबाइल नंबर तथा खतौनी अथवा भूमि अभिलेख साथ लाना आवश्यक होगा। जिला प्रशासन और कृषि विभाग ने किसानों से निर्धारित स्थानों और समय पर पहुंचकर पंजीकरण प्रक्रिया पूरी करने तथा अभियान का अधिकतम लाभ उठाने की अपील की है।
