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दिशा सालियान मौत मामले में सीबीआई ने दर्ज किया केस, हाईकोर्ट के आदेश पर होगी जांच

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन • 10 Hours Ago • 1 Min Read

पूर्व सेलिब्रिटी मैनेजर दिशा सालियान की मौत के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो ने प्राथमिकी दर्ज कर ली है। बॉम्बे हाईकोर्ट ने 2 सितंबर को एजेंसी को केस दर्ज कर जांच करने का निर्देश दिया था। इसके बाद अब सीबीआई दिशा की मौत से जुड़े घटनाक्रम, उपलब्ध साक्ष्यों और परिवार की ओर से उठाए गए सवालों की नए सिरे से जांच करेगी। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया है कि पर्याप्त सबूत मिलने तक किसी व्यक्ति को आरोपी नहीं माना जाएगा।

मुंबई

दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के साथ काम कर चुकीं दिशा सालियान की 8 जून 2020 को मुंबई के मालाड स्थित एक इमारत से गिरने के बाद मौत हो गई थी। मुंबई पुलिस ने शुरुआती जांच के आधार पर घटना में किसी गड़बड़ी या साजिश से इनकार किया था। दिशा के पिता सतीश सालियान ने मौत को संदिग्ध बताते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर की और मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की थी।

पुलिस जांच की कमियों पर हाईकोर्ट की टिप्पणी

बॉम्बे हाईकोर्ट ने अपने 44 पन्नों के फैसले में पुलिस जांच में कई स्पष्ट कमियां होने की बात कही। अदालत के अनुसार, पुलिस के पास मामले की जांच करने का पर्याप्त अवसर था, लेकिन प्रकरण में ठोस जांच की जरूरत बनी रही। कोर्ट ने सतीश सालियान की ओर से कुछ लोगों पर लगाए गए आरोपों का उल्लेख करने से परहेज करते हुए कहा कि इनकी जांच करना केंद्रीय एजेंसी का काम है। अब सीबीआई तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाएगी।

दिशा के परिवार का आरोप रहा है कि उनकी मौत केवल दुर्घटना या आत्महत्या का मामला नहीं थी और इसमें हत्या की आशंका की जांच होनी चाहिए। पिछली सुनवाई के दौरान जस्टिस भारती डांगरे और जस्टिस मंजुषा देशपांडे की खंडपीठ ने इस बात पर चिंता जताई थी कि परिवार की ओर से हत्या के आरोप लगाए जाने के बावजूद प्राथमिकी के स्थान पर केवल दुर्घटना मृत्यु रिपोर्ट यानी एडीआर दर्ज की गई थी। परिवार लगातार मामले की विस्तृत जांच की मांग करता रहा है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर भी उठे सवाल

सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने इस तथ्य पर भी सवाल उठाया कि दिशा की मौत के करीब पांच साल बाद तक परिवार को पोस्टमार्टम रिपोर्ट और एडीआर की प्रति नहीं दी गई। वकील निलेश ओझा ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दर्ज चोटों को लेकर कुछ दावे करते हुए संदेह जताया था। हालांकि, ये सभी आरोप और दावे अभी जांच के विषय हैं। सीबीआई को अब मौत से संबंधित परिस्थितियों, दस्तावेजों और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कर निष्कर्ष तक पहुंचना होगा।

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