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प्रधानमंत्री मोदी ने तीन घंटे की समीक्षा बैठक में राज्य मंत्रियों से मांगा विकसित भारत की पहलों का ब्यौरा

हिमाचलनाउ डेस्क • 6 Hours Ago • 1 Min Read

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य मंत्रियों के साथ तीन घंटे की समीक्षा बैठक में उनके कामकाज और व्यक्तिगत पहलों की जानकारी ली। बैठक में मौजूद 20 राज्य मंत्रियों से विकसित भारत के लक्ष्य, जनकल्याण योजनाओं के क्रियान्वयन, लाभार्थियों से संवाद और सोशल मीडिया के माध्यम से सरकारी कार्यक्रमों की जानकारी लोगों तक पहुंचाने के प्रयासों पर सवाल किए गए।

नई दिल्ली

सोमवार को हुई बैठक में तीन स्वतंत्र प्रभार वाले मंत्रियों समेत कुल 20 राज्य मंत्री शामिल हुए। ग्रामीण विकास, सामाजिक न्याय और गरीब कल्याण योजनाओं पर प्रस्तुति के बाद प्रधानमंत्री ने सभी मंत्रियों से उनके स्तर पर किए गए कार्यों का विवरण मांगा। मंत्रालयों से जुड़े आंकड़े प्रस्तुत किए जाने पर उन्होंने मंत्रियों से कहा कि वे केवल विभागीय आंकड़ों तक सीमित रहने के बजाय अपनी व्यक्तिगत भूमिका और जमीनी स्तर पर किए गए प्रयासों की जानकारी दें।

योजनाओं और लाभार्थियों से संवाद पर चर्चा

बैठक के दौरान एक मंत्री से आंगनबाड़ी केंद्रों के दौरे और वहां खिलौने वितरित करने से जुड़े प्रयासों के बारे में पूछा गया। एक अन्य मंत्री से रेहड़ी-पटरी वालों के लिए संचालित पीएम स्वनिधि योजना के लाभार्थियों से किए गए संवाद और व्यक्तिगत स्तर पर योजना का लाभ दिलाने के प्रयासों की जानकारी मांगी गई। इसी तरह बैठक में शामिल अन्य राज्य मंत्रियों से भी योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन और लाभार्थियों तक पहुंच के संबंध में उनके योगदान पर चर्चा की गई।

सोशल मीडिया पर उपस्थिति की भी समीक्षा

प्रधानमंत्री ने मंत्रियों से विभिन्न सोशल मीडिया मंचों पर उनकी सक्रियता, उठाए गए मुद्दों और योजनाओं से संबंधित सूचनाओं के प्रसार के बारे में भी जानकारी ली। उन्होंने गरीब कल्याण से जुड़ी योजनाओं, नीतियों और सरकारी कार्यक्रमों की जानकारी समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुंचाने पर जोर दिया। इसके लिए व्यक्तिगत संवाद के साथ अलग-अलग संचार माध्यमों का प्रभावी उपयोग करने की बात कही गई।

दूसरे समूह के साथ भी होगी बैठक

प्रधानमंत्री जल्द ही राज्य मंत्रियों के दूसरे समूह के साथ भी इसी प्रकार की समीक्षा बैठक करेंगे। सूत्रों के अनुसार, इन बैठकों के माध्यम से मंत्रियों के प्रदर्शन का आकलन किया जा रहा है। इन्हें संभावित मंत्रिमंडल विस्तार से पहले की प्रक्रिया के संदर्भ में भी देखा जा रहा है। इससे पहले प्रधानमंत्री सचिवों के साथ बैठक कर केंद्रीय मंत्रियों के कामकाज की समीक्षा कर चुके हैं।

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