FIR / ऊना में पेट्रोल पंप संचालक से 16.70 लाख रुपये के डीजल भुगतान मामले में तीन लोगों पर एफआईआर दर्ज
FIR : ऊना के एक पेट्रोल पंप संचालक की शिकायत पर 16.70 लाख रुपये के डीजल भुगतान से जुड़े मामले में तीन लोगों के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज किया है। शिकायत के अनुसार वर्ष 2025 में उधार पर डीजल की आपूर्ति के बाद तय अवधि में भुगतान नहीं किया गया, जिस पर पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत जांच शुरू कर दी है।
ऊना
डीजल आपूर्ति के भुगतान को लेकर दर्ज हुआ मामला
ऊना के एक पेट्रोल पंप संचालक की शिकायत पर पुलिस ने कथित धोखाधड़ी के मामले में जम्मू निवासी ट्रांसपोर्टर, उसके प्रबंधक और लेखाकार के खिलाफ मामला दर्ज किया है। शिकायतकर्ता अमरजोत सिंह बेदी ने पुलिस को बताया कि वर्ष 2025 के दौरान जम्मू निवासी अनन शर्मा ने स्वयं को एक ट्रांसपोर्टर बताते हुए रक्षा आपूर्ति से जुड़े परिवहन कार्य के लिए अपने टैंकरों में डीजल उपलब्ध कराने का अनुरोध किया था। शिकायत के अनुसार आरोपी ने भरोसा दिलाया कि भारतीय ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) और रक्षा प्रतिष्ठानों से भुगतान प्राप्त होने के बाद निर्धारित अवधि के भीतर पूरी बकाया राशि का भुगतान कर दिया जाएगा। इन आश्वासनों के आधार पर पेट्रोल पंप से उधार पर डीजल उपलब्ध कराया गया, लेकिन तय समय सीमा के भीतर भुगतान नहीं किया गया।
तीन माह तक उधार में दी गई डीजल आपूर्ति
शिकायत के अनुसार मई, जून और जुलाई 2025 के दौरान आरोपी पक्ष को दो अलग-अलग खातों एम/एस अनन शर्मा सी/ओ सनराइज ट्रांसपोर्ट तथा एम/एस शिवा सर्विस स्टेशन जे एंड के के नाम पर उधार में डीजल की आपूर्ति की गई। दोनों खातों में डीजल की कुल बकाया राशि लगभग 16.70 लाख रुपये हो गई। शिकायतकर्ता का कहना है कि भुगतान की निर्धारित अवधि समाप्त होने के बाद भी पूरी राशि जमा नहीं करवाई गई। इसके बावजूद आरोपी पक्ष लगातार भुगतान किए जाने का आश्वासन देता रहा, जिससे भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ने की उम्मीद बनी रही।
भुगतान के लिए कई स्तरों पर किया गया संपर्क
शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि बकाया राशि प्राप्त करने के लिए उन्होंने कई बार संबंधित पक्ष से व्यक्तिगत और अन्य माध्यमों से संपर्क किया। दिसंबर 2025, फरवरी 2026 तथा अप्रैल 2026 में वह स्वयं जम्मू जाकर आरोपियों से मिले और भुगतान करने का अनुरोध किया। इसके अतिरिक्त फोन कॉल, व्हाट्सएप संदेश और अन्य संचार माध्यमों के जरिए भी लगातार संपर्क बनाए रखा गया। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि आईओसीएल के वरिष्ठ अधिकारियों के हस्तक्षेप के दौरान भी संबंधित पक्ष ने बकाया राशि का भुगतान करने का आश्वासन दिया, लेकिन इसके बाद भी कोई भुगतान नहीं किया गया। बाद में शिकायतकर्ता के अनुसार आरोपियों ने भुगतान करने से भी इंकार कर दिया।
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की
शिकायत के आधार पर ऊना पुलिस ने ट्रांसपोर्टर, उसके प्रबंधक और लेखाकार के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। एएसपी ऊना संजीव भाटिया ने बताया कि शिकायत में लगाए गए आरोपों के आधार पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है तथा मामले से जुड़े सभी दस्तावेजों, भुगतान रिकॉर्ड और अन्य तथ्यों की नियमानुसार जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान प्राप्त साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।