Fishing Ban / 15 अगस्त तक पौंग झील में मछली पकड़ने पर रहेगी रोक, अवैध शिकार पर होगी सख्त कार्रवाई
Fishing Ban : पौंग झील में मछलियों के प्रजनन सीजन को देखते हुए 16 जून से 15 अगस्त तक मत्स्य आखेट पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। इस अवधि में किसी भी प्रकार से मछली पकड़ने की अनुमति नहीं होगी। प्रतिबंध लागू होने के साथ ही मछुआरों ने अपनी नावें और जाल समेटने शुरू कर दिए हैं।
कांगड़ा/जवाली
पौंग झील में 15 मत्स्य सहकारी सभाएं कार्यरत हैं और करीब चार हजार मछुआरे मत्स्य आखेट के माध्यम से अपनी आजीविका चलाते हैं। आगामी दो माह तक मछली पकड़ने पर रोक रहने से इन लोगों को अन्य कार्यों के माध्यम से रोजगार जुटाना होगा। हर वर्ष बंद सीजन के दौरान मछलियों के संरक्षण और प्रजनन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से यह प्रतिबंध लगाया जाता है।
अवैध शिकार रोकने के लिए विशेष निगरानी
मत्स्य विभाग के अनुसार बंद सीजन में कुछ लोग अवैध रूप से कुंडी, जाल, दवाइयों अथवा अन्य तरीकों का इस्तेमाल कर मछलियों का शिकार करने का प्रयास करते हैं। इससे मछली उत्पादन प्रभावित होता है और छोटी मछलियों की संख्या भी घटती है। ऐसे मामलों पर रोक लगाने के लिए विभाग ने निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किया है।
17 कैंप और उड़नदस्ता रखेगा नजर
मत्स्य विभाग के निदेशक विवेक चंदेल ने बताया कि प्रजनन काल को ध्यान में रखते हुए 16 जून से 15 अगस्त तक मत्स्य आखेट प्रतिबंधित रहेगा। अवैध शिकार को रोकने के लिए पौंग झील के किनारे 17 निगरानी कैंप स्थापित किए जाएंगे। इसके अलावा एक उड़नदस्ता भी तैनात किया गया है, जो दिन-रात झील क्षेत्र में निगरानी रखेगा।
उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति बंद सीजन के दौरान मछली पकड़ता हुआ पाया गया तो उसके खिलाफ नियमानुसार मामला दर्ज किया जाएगा और जुर्माना भी लगाया जाएगा। विभाग ने लोगों से प्रतिबंध अवधि के दौरान नियमों का पालन करने की अपील की है।