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शिमला के सेब कारोबारी से 1.56 करोड़ की धोखाधड़ी , तमिलनाडु के दो व्यापारियों पर केस दर्ज

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन • 5 Feb 2025 • 1 Min Read

Himachalnow / शिमला

तमिलनाडु के व्यापारियों ने नहीं चुकाई बकाया राशि, पुलिस में शिकायत दर्ज

शिमला के कुमारसैन में एक बड़े धोखाधड़ी का मामला सामने आया है, जिसमें एक सेब व्यापारी से 1.56 करोड़ रुपए की ठगी की गई । पीड़ित कारोबारी नरेंद्र कंवर ने इस मामले में पुलिस को शिकायत दी है।

तमिलनाडु के व्यापारियों पर धोखाधड़ी का आरोप

नरेंद्र कंवर, जो गांव ढली डाकघर पहराल तहसील कुमारसैन के रहने वाले हैं, ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उन्होंने 2022-23 के दौरान तमिलनाडु के मल्लाची के दो व्यापारियों को 4.93 करोड़ रुपए का सेब दिया था। इसमें से उन्हें सवा तीन करोड़ रुपए से ज्यादा की राशि मिल गई थी, लेकिन शेष 1.56 करोड़ रुपए अब तक नहीं दिए गए। पीड़ित कारोबारी ने बताया कि दोनों व्यापारी अब भुगतान करने से इनकार कर रहे हैं।

फ्रूट्स कंपनी के मालिकों पर केस दर्ज

नरेंद्र कंवर के अनुसार, उन्होंने मोहर मंसूर और मोहर इशाक नामक व्यापारियों को सेब सप्लाई किया था। लेकिन दो साल से अधिक समय बीत जाने के बाद भी उन्हें बकाया राशि नहीं दी जा रही है। उन्होंने कई बार व्यापारियों से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन हर बार टालमटोल किया गया। आखिरकार, उन्हें मजबूरन पुलिस में शिकायत दर्ज करवानी पड़ी।

शिमला पुलिस ने 420 आईपीसी के तहत केस दर्ज किया

एएसपी शिमला नवदीप सिंह ने बताया कि पीड़ित कारोबारी की शिकायत के आधार पर आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420 के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और जल्द ही आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं

सेब व्यापारियों के साथ धोखाधड़ी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। कुछ दिनों पहले भी शिमला के रोहड़ू में ऐसा ही मामला दर्ज किया गया था, जिसमें व्यापारी यजविंदर सिंह ने उत्तर प्रदेश और बिहार के तीन व्यापारियों पर 16 लाख रुपए की धोखाधड़ी के आरोप लगाए थे। यह घटनाएं साबित करती हैं कि सेब व्यापार से जुड़े लोगों को भुगतान में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

सेब व्यापारियों को सतर्क रहने की जरूरत

इस तरह के लगातार बढ़ते मामलों को देखते हुए सेब व्यापारियों को लेन-देन में सतर्क रहने की जरूरत है। विशेषज्ञों का कहना है कि बड़ी रकम के लेन-देन के लिए कानूनी अनुबंध और सुरक्षित भुगतान माध्यमों का इस्तेमाल किया जाना चाहिए, ताकि इस तरह की धोखाधड़ी से बचा जा सके।