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G7 Summit / भारत-कनाडा ने 2026 में एफटीए वार्ता पूरी करने पर जताई सहमति, पीएम मोदी और कार्नी की बैठक

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन II • 10 Hours Ago • 1 Min Read

G7 Summit : भारत और कनाडा ने व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (सीईपीए) से जुड़ी वार्ता को वर्ष 2026 के भीतर पूरा करने के लक्ष्य को दोहराया है। जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान हुई बैठक में दोनों देशों ने व्यापार, ऊर्जा, शिक्षा और नवाचार सहित कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की।

जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान हुई द्विपक्षीय बैठक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के बीच जी7 शिखर सम्मेलन से इतर महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक हुई। यह बैठक ऐसे समय में हुई जब दोनों देश व्यापार, निवेश, ऊर्जा सुरक्षा और रणनीतिक सहयोग को नई दिशा देने की दिशा में काम कर रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने बैठक के बाद कहा कि दोनों देशों के बीच विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाने पर विस्तृत चर्चा हुई। यह पिछले एक वर्ष के भीतर दोनों नेताओं की कई उच्चस्तरीय मुलाकातों में से एक रही, जिससे दोनों देशों के बीच नियमित संवाद की प्रक्रिया को बल मिला है।

एफटीए और सीईपीए वार्ता पर हुई चर्चा

विदेश मंत्रालय के अनुसार बैठक में व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (CEPA) और मुक्त व्यापार समझौते (FTA) से जुड़ी वार्ताओं की प्रगति की समीक्षा की गई। दोनों पक्षों ने वर्ष 2026 के भीतर इन वार्ताओं को अंतिम रूप देने के साझा लक्ष्य को दोहराया। अधिकारियों के अनुसार एफटीए लागू होने से वस्तुओं और सेवाओं के व्यापार को बढ़ावा मिलने की संभावना है। वर्तमान में भारत और कनाडा के बीच द्विपक्षीय व्यापार अरबों डॉलर के स्तर पर है और दोनों देश इसे आने वाले वर्षों में और बढ़ाने की दिशा में काम कर रहे हैं। वार्ता में बाजार पहुंच, निवेश संरक्षण, सेवा क्षेत्र और आपूर्ति श्रृंखला सहयोग जैसे विषय भी शामिल रहे।

व्यापार, ऊर्जा और शिक्षा पर फोकस

बैठक के दौरान व्यापार, ऊर्जा, नवाचार, शिक्षा, प्रौद्योगिकी और लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने पर विशेष चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने निवेश के नए अवसरों, स्टार्टअप सहयोग और अनुसंधान साझेदारी को मजबूत करने की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया। कनाडा भारत के लिए ऊर्जा और महत्वपूर्ण खनिजों का एक महत्वपूर्ण स्रोत माना जाता है, जबकि भारत वैश्विक स्तर पर तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। शिक्षा क्षेत्र में भी दोनों देशों के बीच सहयोग महत्वपूर्ण है, क्योंकि बड़ी संख्या में भारतीय छात्र कनाडा के शैक्षणिक संस्थानों में अध्ययन कर रहे हैं।

पूर्व बैठकों में हुए समझौतों की समीक्षा

बैठक में इस वर्ष की शुरुआत में हुई उच्चस्तरीय चर्चाओं और समझौतों की भी समीक्षा की गई। दोनों देशों ने यूरेनियम, महत्वपूर्ण खनिजों और स्वच्छ ऊर्जा आपूर्ति से जुड़े सहयोग को आगे बढ़ाने पर पहले ही सहमति जताई थी। इसके अलावा रक्षा सहयोग, उन्नत प्रौद्योगिकी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, छोटे मॉड्यूलर परमाणु रिएक्टर (SMR) और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ाने पर भी चर्चा जारी है। अधिकारियों का मानना है कि इन क्षेत्रों में सहयोग दोनों देशों की दीर्घकालिक आर्थिक और रणनीतिक प्राथमिकताओं के अनुरूप है।

द्विपक्षीय संबंधों पर जारी संवाद

भारत और कनाडा के संबंधों में पिछले कुछ वर्षों के दौरान कुछ मुद्दों को लेकर चुनौतियां सामने आई थीं, लेकिन हाल के महीनों में दोनों देशों ने संवाद और सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए कई स्तरों पर संपर्क बनाए रखा है। प्रधानमंत्री कार्नी के नेतृत्व में दोनों पक्षों ने आर्थिक और रणनीतिक सहयोग को प्राथमिकता देने के संकेत दिए हैं। बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था, आर्थिक विकास और आपसी हितों से जुड़े विषयों पर भी विचार साझा किए। दोनों देशों ने भविष्य में नियमित उच्चस्तरीय संवाद जारी रखने और द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई।

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