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सीरिया की अदालत ने पूर्व राष्ट्रपति बशर अल-असद को मौत की सजा सुनाई, भाई माहेर भी दोषी

हिमाचलनाउ डेस्क • 22 Hours Ago • 1 Min Read

सीरिया की एक अदालत ने पूर्व राष्ट्रपति बशर अल-असद और उनके भाई माहेर अल-असद को मानवता के खिलाफ अपराधों और युद्ध अपराधों के मामले में मौत की सजा सुनाई है। दोनों की गैरमौजूदगी में सुनाए गए फैसले में हत्या, यातना और मनमानी गिरफ्तारी जैसे अपराधों को आधार बनाया गया। अदालत ने कहा कि दोनों को न्याय के कटघरे में लाने के लिए अंतरराष्ट्रीय कानूनी माध्यमों से प्रयास जारी रखे जाएंगे।

सीरिया

बशर अल-असद और माहेर दिसंबर 2024 में विद्रोही बलों के तेज अभियान के बाद सीरिया छोड़कर मॉस्को चले गए थे। यह अभियान 11 दिन में पूरा हुआ और इसके साथ ही असद का लंबे समय से चला आ रहा शासन समाप्त हो गया। अदालत के अनुसार, बशर अल-असद को लोगों और बच्चों की पूर्व नियोजित एवं जानबूझकर हत्या, यातना, मनमानी गिरफ्तारी और मानवता के खिलाफ अपराधों का दोषी पाया गया।

माहेर अल-असद और आतेफ नजीब को भी सजा

माहेर अल-असद उस समय सीरियाई सेना की चौथी डिवीजन के कमांडर थे और उन्हें असद शासन का प्रमुख सुरक्षा अधिकारी माना जाता था। अदालत ने असद के चचेरे भाई और दारा प्रांत में राजनीतिक सुरक्षा विभाग के पूर्व प्रमुख आतेफ नजीब को भी मौत की सजा सुनाई। नजीब पर वर्ष 2011 में दीवार पर असद विरोधी नारे लिखने वाले 15 बच्चों को यातना देने का आरोप था।

बच्चों को यातना दिए जाने की घटना के बाद दक्षिणी सीरिया के दारा में बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन शुरू हुए थे, जो धीरे-धीरे पूरे देश में फैल गए। नजीब की सुनवाई का सार्वजनिक रूप से व्यापक प्रचार किया गया। अदालत में उसे जेल की वर्दी में एक पिंजरे के भीतर बैठकर कार्यवाही सुनते हुए दिखाया गया। सीरियाई सरकार ने इस मुकदमे को संक्रमणकालीन न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है।

गृहयुद्ध और उसके बाद की हिंसा

वर्ष 2011 में सरकार विरोधी प्रदर्शन शुरू होने के बाद असद सरकार ने आंदोलन को दबाने के लिए व्यापक सैन्य और सुरक्षा कार्रवाई की थी। सरकार पर प्रदर्शनकारियों और आम नागरिकों की बड़े पैमाने पर गिरफ्तारी, यातना और हत्या के आरोप लगे। करीब 14 वर्ष चले गृहयुद्ध में लगभग पांच लाख लोगों की जान गई। असद शासन के पतन के बाद भी देश में हिंसा पूरी तरह समाप्त नहीं हुई।

मार्च 2025 में असद समर्थक उग्रवादियों के सुरक्षा बलों पर हमले के बाद हुई जवाबी हिंसा में लगभग 1,500 नागरिक मारे गए, जिनमें ज्यादातर अलावी समुदाय के लोग थे। जुलाई 2025 में द्रूज बहुल सुवैदा प्रांत का स्थानीय संघर्ष सांप्रदायिक हिंसा में बदल गया और 1,700 से अधिक लोगों की मौत हुई। सीरियाई अधिकारियों ने पूर्व शासन के अधिकारियों की गिरफ्तारी और संक्रमणकालीन न्याय के लिए समितियों के गठन जैसे कदम उठाए हैं।

वर्ष 2000 में संभाली थी सत्ता

बशर अल-असद ने वर्ष 2000 में 34 वर्ष की उम्र में अपने पिता हाफिज अल-असद से सत्ता संभाली थी। पेशे से नेत्र चिकित्सक बशर ने लंदन में प्रशिक्षण लिया था और शुरुआत में उन्हें राष्ट्रपति पद का उत्तराधिकारी नहीं माना जाता था। बड़े भाई बासिल अल-असद की सड़क दुर्घटना में मौत के बाद वह उत्तराधिकारी बने। शुरुआती दौर में उन्हें सुधारवादी नेता के रूप में पेश किया गया, लेकिन 2011 के विद्रोह के बाद सरकार की कठोर कार्रवाई उनके शासन की प्रमुख पहचान बनी।