इथेनॉल प्लांट रद्द होने की चर्चा गगरेट के विकास के लिए बड़ा झटका : राजेश ठाकुर
भाजपा नेता एवं पूर्व विधायक राजेश ठाकुर ने गगरेट में प्रस्तावित इथेनॉल प्लांट के रद्द होने की चर्चाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए इसे क्षेत्र के विकास और रोजगार के लिए बड़ा झटका बताया है। उनका कहना है कि इस परियोजना से करोड़ों रुपये का निवेश और सैकड़ों युवाओं को रोजगार मिलने की संभावना थी। उन्होंने प्रदेश सरकार और स्थानीय नेतृत्व से ऐसी परियोजनाओं को बचाने के लिए अधिक गंभीरता और सक्रियता दिखाने की आवश्यकता बताई।
ऊना/वीरेंद्र बन्याल
भाजपा नेता एवं पूर्व विधायक राजेश ठाकुर ने ऊना जिले के गगरेट में प्रस्तावित इथेनॉल प्लांट के रद्द होने की चर्चाओं पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए इसे क्षेत्र के औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन के लिए बड़ा झटका बताया है। उन्होंने कहा कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना के माध्यम से क्षेत्र में लगभग 600 करोड़ रुपये का निवेश आने की संभावना थी, जिससे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से सैकड़ों युवाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त होते।राजेश ठाकुर ने कहा कि इथेनॉल प्लांट की स्थापना से करीब 500 युवाओं को सीधे रोजगार मिलने के साथ-साथ स्थानीय व्यापार, परिवहन और अन्य सहायक क्षेत्रों में भी रोजगार के नए द्वार खुलने थे। इसके अतिरिक्त किसानों को अपनी फसलों के लिए एक स्थायी और लाभकारी बाजार उपलब्ध होता, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलती।
उन्होंने कहा कि जब इस परियोजना की प्रक्रिया शुरू हुई थी, तब उन्होंने स्वयं इसे धरातल पर उतारने के लिए प्रयास किए थे। उनका मानना है कि इतनी बड़ी और महत्वपूर्ण परियोजना को सफल बनाने के लिए जिस स्तर की गंभीरता, निरंतर संवाद और सकारात्मक माहौल की आवश्यकता थी, वह देखने को नहीं मिला। बड़े निवेशकों और उद्योग समूहों के साथ सरकार का सतत संपर्क बनाए रखना आवश्यक होता है, ताकि उनका विश्वास कायम रहे और निवेश प्रभावित न हो।पूर्व विधायक ने प्रदेश सरकार और स्थानीय विधायक पर निशाना साधते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों का दायित्व केवल घोषणाएं करना नहीं, बल्कि विकास परियोजनाओं को अंतिम मुकाम तक पहुंचाना भी होता है। उन्होंने कहा कि बड़ी परियोजनाओं के लिए निरंतर निगरानी, सक्रिय पहल और ठोस प्रयास जरूरी होते हैं, अन्यथा ऐसे अवसर दूसरे क्षेत्रों की ओर रुख कर लेते हैं।
राजेश ठाकुर ने कहा कि गगरेट के युवा लंबे समय से रोजगार और औद्योगिक विकास की अपेक्षा कर रहे हैं। ऐसे में यदि कोई बड़ी परियोजना क्षेत्र से बाहर चली जाती है तो स्वाभाविक रूप से लोगों में निराशा उत्पन्न होती है। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रदेश सरकार और स्थानीय नेतृत्व भविष्य में ऐसी परियोजनाओं को लेकर अधिक सक्रियता और गंभीरता दिखाएंगे, ताकि क्षेत्र विकास और रोजगार के महत्वपूर्ण अवसरों से वंचित न रहे।उन्होंने कहा कि गगरेट की जनता विकास के मुद्दों को लेकर सजग और गंभीर है तथा आने वाले समय में यह भी आकलन करेगी कि क्षेत्र में निवेश और रोजगार लाने के लिए किसने कितने प्रभावी प्रयास किए। उन्होंने जोर देकर कहा कि अभी भी आवश्यकता इस बात की है कि इस महत्वपूर्ण परियोजना को क्षेत्र से बाहर जाने से रोकने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएं, ताकि गगरेट के विकास को नई गति मिल सके और युवाओं को बेहतर भविष्य के अवसर प्राप्त हों।