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कांगड़ा में एनसीओआरडी समिति की बैठक, नशा रोकथाम के लिए विभागीय समन्वय और जागरूकता अभियान पर दिया गया जोर

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन II • 1 Hour Ago • 1 Min Read

धर्मशाला में आयोजित जिला स्तरीय एनसीओआरडी समिति की बैठक में नशा तस्करी की रोकथाम, उपचार, पुनर्वास और जनजागरूकता गतिविधियों की समीक्षा की गई। अतिरिक्त उपायुक्त विनय कुमार ने सभी संबंधित विभागों को समन्वय के साथ प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

धर्मशाला

नशा रोकथाम को लेकर विभागीय समन्वय पर बल

अतिरिक्त उपायुक्त विनय कुमार की अध्यक्षता में जिला स्तरीय एनसीओआरडी समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में नशा तस्करी की रोकथाम, नशीले पदार्थों के दुरुपयोग पर नियंत्रण, उपचार व्यवस्था, पुनर्वास सेवाओं और जनजागरूकता गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा की गई। उन्होंने कहा कि इस कार्य में पुलिस, स्वास्थ्य, शिक्षा, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, आबकारी एवं कराधान सहित सभी संबंधित विभागों के बीच नियमित समन्वय आवश्यक है, ताकि कार्रवाई केवल औपचारिक स्तर तक सीमित न रहे और जमीनी स्तर पर परिणाम दिखाई दें। उन्होंने यह भी कहा कि नशा रोकथाम से जुड़े मामलों में विभागों को अपने-अपने दायित्वों के अनुसार समयबद्ध कार्रवाई करनी होगी।

संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने के निर्देश

बैठक में नशीले पदार्थों की तस्करी में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित निगरानी, गश्त और सूचना तंत्र को और मजबूत किया जाए, ताकि अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके। उन्होंने शिक्षण संस्थानों में विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के लिए नियमित जनजागरूकता कार्यक्रम चलाने पर भी बल दिया। इसके साथ ही विद्यालयों, महाविद्यालयों और आसपास के क्षेत्रों में तंबाकू एवं अन्य नशीले पदार्थों की उपलब्धता पर निगरानी रखने के निर्देश भी दिए गए।

उपचार, पुनर्वास और जागरूकता गतिविधियों की समीक्षा

अतिरिक्त उपायुक्त ने मुख्यमंत्री द्वारा निर्धारित बिंदुओं के अनुसार सभी विभागों को अपने स्तर पर आवश्यक कार्रवाई करने तथा सुझाव उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। बैठक में नशा पीड़ित व्यक्तियों के उपचार, पुनर्वास एवं परामर्श सेवाओं की उपलब्धता की भी समीक्षा की गई। बताया गया कि संवाद प्लेटफॉर्म के माध्यम से जिले के 519 हाई एवं वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में काउंसलिंग की जा चुकी है, जबकि इस अभियान को और गति देने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि शिक्षण संस्थानों के 100 मीटर के दायरे में तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर नियमित निगरानी रखी जाए और उल्लंघन की स्थिति में नियमानुसार कार्रवाई की जाए। नशा मुक्ति केंद्रों की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने तथा अधिक से अधिक प्रभावित व्यक्तियों को उपचार और पुनर्वास सेवाओं से जोड़ने पर भी चर्चा की गई।

विभागों ने प्रस्तुत की प्रगति रिपोर्ट

बैठक में पुलिस विभाग ने जिले में नशीले पदार्थों की बरामदगी, दर्ज मामलों तथा की गई कार्रवाई की जानकारी प्रस्तुत की। विभिन्न विभागों ने भी नशा रोकथाम और जनजागरूकता से संबंधित गतिविधियों की प्रगति रिपोर्ट साझा की। बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से पुलिस अधिकारियों, सभी एसडीएम, वन एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अलावा जिला मुख्यालय से विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि भी शामिल हुए।

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