नशा, आत्महत्या और आत्मसम्मान पर खुली चर्चा, जीनियस ग्लोबल स्कूल में जागरूकता कार्यक्रम
Himachalnow / सोलन
सोलन के जीनियस ग्लोबल स्कूल में छात्रों के सर्वांगीण विकास को लेकर विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में नशा, आत्महत्या, आत्मसम्मान और जीवन मूल्यों जैसे विषयों पर खुलकर चर्चा हुई। छात्रों को सकारात्मक सोच, आत्मविश्वास और स्व-अध्ययन के महत्व के बारे में भी मार्गदर्शन दिया गया।
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शहर के आनंद विहार स्थित जीनियस ग्लोबल स्कूल में छात्रों के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में करीब 150 छात्रों ने भाग लेकर विभिन्न सामाजिक और व्यक्तिगत विषयों पर खुलकर चर्चा की।कार्यक्रम में मोटिवेशनल वक्ता डॉ. रंजना आनंद ने मुख्य वक्ता के रूप में छात्रों को संबोधित किया। उन्होंने पढ़ाई के लिए सही समय सारिणी बनाने, समय का सदुपयोग करने और स्व-अध्ययन की आदत विकसित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि नियमित अभ्यास और स्वयं की मेहनत ही सफलता की कुंजी है।
डॉ. आनंद ने आत्मसम्मान के महत्व को भी सरल भाषा में समझाया। उन्होंने छात्रों से कहा कि वे खुद पर विश्वास रखें और अपने मूल्यों को पहचानें। तभी जीवन की चुनौतियों का मजबूती से सामना किया जा सकता है।कार्यक्रम के दौरान समाज में महिलाओं और लड़कियों के सम्मान को लेकर भी छात्रों को जागरूक किया गया। उन्होंने कहा कि एक सशक्त और स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए महिलाओं का सम्मान जरूरी है और इसकी शुरुआत बचपन से ही होनी चाहिए।इसके अलावा बढ़ते नशे और आत्महत्या जैसे गंभीर मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। छात्रों को इनसे दूर रहने और सकारात्मक सोच अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
इस दौरान छात्रों ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया। आव्या, सिरत, अर्श अहमद और वेदांत सहित कई विद्यार्थियों ने अपने विचार साझा किए और सवाल पूछकर सत्र को रोचक बना दिया।स्कूल की प्रबंध निदेशक नीति शर्मा ने कहा कि इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम बच्चों के समग्र विकास के लिए बेहद आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि आज के समय में केवल किताबों की पढ़ाई पर्याप्त नहीं है, बल्कि बच्चों को जीवन के मूल्यों और सही सोच की दिशा देना भी उतना ही जरूरी है।
उन्होंने बताया कि ऐसे कार्यक्रम बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ाते हैं और उन्हें अपनी बात खुलकर रखने का अवसर देते हैं। इससे उनका व्यक्तित्व निखरता है और वे जिम्मेदार नागरिक बनने की ओर अग्रसर होते हैं। स्कूल भविष्य में भी इस तरह के कार्यक्रम आयोजित करता रहेगा, ताकि छात्रों को शिक्षा के साथ-साथ अच्छे संस्कार भी मिल सकें।