उच्चाधिकारियों के निर्देशों की अनुपालना नहीं करने पर गोहर बीडीओ पवन कुमार निलंबित
Government Decision: ग्रामीण विकास विभाग ने मंडी जिले के गोहर विकास खंड के बीडीओ पवन कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। विभागीय आदेश के अनुसार सक्षम उच्च प्राधिकारी के वैध निर्देशों का पालन और क्रियान्वयन नहीं करने के आधार पर यह कार्रवाई की गई। पवन कुमार के खिलाफ विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई भी प्रस्तावित है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय ग्रामीण विकास विभाग निदेशालय, शिमला रहेगा।
मंडी
पवन कुमार को हिमाचल प्रदेश सिविल सेवा वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील नियम, 1965 के नियम 10 के तहत निलंबित किया गया है। अब उनके खिलाफ विभागीय स्तर पर आगे की प्रक्रिया चलेगी और निलंबन से संबंधित नियमों के अनुसार उनकी सेवा स्थिति निर्धारित रहेगी। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि वह सक्षम अधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना निर्धारित मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे। आदेश की प्रतियां ग्रामीण विकास विभाग के निदेशक, मंडलायुक्त मंडी और जिला विकास अधिकारी मंडी सहित संबंधित वरिष्ठ अधिकारियों को भेजी गई हैं।
पंचायत सचिवों के तबादलों की भी चर्चा
इस घटनाक्रम के बीच गोहर विकास खंड की बासा और सेरी पंचायतों से जुड़े दो पंचायत सचिवों के तबादला आदेशों की भी चर्चा है। रिपोर्ट के अनुसार दोनों सचिवों को तय समय में कार्यभार सौंपने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन अतिरिक्त पंचायतों का कार्यभार होने और बाद में चिकित्सा अवकाश पर जाने के कारण प्रक्रिया समय पर पूरी नहीं हो सकी। इस मामले को बीडीओ के निलंबन से जोड़कर देखा जा रहा है, हालांकि विभाग के आधिकारिक आदेश में इन तबादलों का सीधे तौर पर कोई उल्लेख नहीं किया गया है।
आदेश में मेले को कार्रवाई का कारण नहीं बताया
गोहर उपमंडल में 17 सितंबर से शुरू हुए जिलास्तरीय ख्योड़ नलवाड़ मेले के दौरान निलंबन आदेश सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर इसे मेले से जुड़े घटनाक्रम से भी जोड़ा जा रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक पवन कुमार मेले की पहली संध्या में मुख्य अतिथि रहे थे। विभागीय आदेश में किसी मेले, कार्यक्रम या विशेष घटना को कार्रवाई का आधार नहीं बताया गया है। आदेश में केवल उच्चाधिकारियों के निर्देशों की अनुपालना नहीं करने का उल्लेख है, इसलिए अन्य कारणों को फिलहाल स्थानीय चर्चा से अधिक नहीं माना जा सकता।
नाचन के विधायक विनोद कुमार ने बीडीओ पवन कुमार के निलंबन की कार्रवाई को राजनीति से प्रेरित बताया है। यह विधायक की ओर से लगाया गया राजनीतिक आरोप है और उपलब्ध जानकारी के आधार पर इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। विभाग की आधिकारिक कार्रवाई का आधार जारी आदेश ही है, जिसमें वैध निर्देशों का पालन और क्रियान्वयन नहीं करने तथा विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रस्तावित होने की बात दर्ज की गई है।