फतेहपुर में श्री सर्व धर्म पीठ के नव-निर्मित मुख्य दरबार साहिब का राज्यपाल ने किया लोकार्पण
कांगड़ा जिले के फतेहपुर स्थित श्री सर्व धर्म पीठ तपोस्थान, गुरुद्वारा श्री नानक ज्योत साहिब में नव-निर्मित मुख्य दरबार साहिब का लोकार्पण राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने किया। इस अवसर पर उन्होंने श्रद्धालुओं, संतों, सेवादारों और उपस्थित अतिथियों को शुभकामनाएं देते हुए इस स्थल को आध्यात्मिक समरसता और सर्व धर्म समभाव का प्रतीक बताया।
कांगड़ा/फतेहपुर
राज्यपाल ने कहा कि यह पवित्र स्थल भारत की समृद्ध आध्यात्मिक विरासत, सांस्कृतिक समावेशिता और सामाजिक सद्भाव का जीवंत उदाहरण है। उन्होंने कहा कि मान्यता के अनुसार गुरु नानक देव जी अपनी तीसरी उदासी के दौरान इस स्थान पर आए थे। यहां प्राप्त प्राचीन धरोहरें, पुराने नागनी माता मंदिर और पवित्र बरगद का वृक्ष इस क्षेत्र की आध्यात्मिक परंपरा और ऐतिहासिक महत्व को दर्शाते हैं।
गुरु नानक देव जी की शिक्षाओं को बताया प्रासंगिक
राज्यपाल ने गुरु नानक देव जी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि समानता, करुणा, सेवा और सत्य का उनका संदेश आज भी समाज को एकजुट रखने में मार्गदर्शक है। उन्होंने मुख्य सेवादार संत बाबा लवप्रीत जी महाराज के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि सर्व धर्म पीठ की अवधारणा भारत की समावेशी और सह-अस्तित्व की परंपरा को सशक्त बनाती है।

सर्व धर्म समभाव का अनूठा उदाहरण
उन्होंने कहा कि एक ही परिसर में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की स्थापना, मंदिर तथा अखंड ज्योति का होना सच्ची आध्यात्मिकता और सामाजिक एकता का प्रतीक है। यहां जाति, धर्म, सामाजिक स्थिति अथवा आर्थिक पृष्ठभूमि के आधार पर कोई भेदभाव नहीं किया जाता और सभी श्रद्धालुओं के लिए आस्था के द्वार समान रूप से खुले हैं।
गुरु अर्जुन देव जी को दी श्रद्धांजलि
गुरु अर्जुन देव जी के शहीदी दिवस के अवसर पर राज्यपाल ने उनके बलिदान, साहस और मानवता के प्रति समर्पण को नमन किया। उन्होंने कहा कि गुरु अर्जुन देव जी का जीवन कठिन परिस्थितियों में भी सत्य, सेवा और धर्म के मार्ग पर अडिग रहने की प्रेरणा देता है।
नशा मुक्त समाज के निर्माण का किया आह्वान
युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति पर चिंता व्यक्त करते हुए राज्यपाल ने कहा कि मादक पदार्थों का दुरुपयोग समाज और युवा पीढ़ी के भविष्य के लिए गंभीर चुनौती बन चुका है। उन्होंने युवाओं से धार्मिक स्थलों से जुड़ने, सेवा कार्यों में भाग लेने और सकारात्मक जीवन मूल्यों को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि समाज, परिवार, शैक्षणिक संस्थानों, धार्मिक संगठनों और युवाओं की सामूहिक भागीदारी से ही नशा मुक्त गांव, नशा मुक्त हिमाचल और नशा मुक्त भारत का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
राज्यपाल ने विश्वास व्यक्त किया कि नव-निर्मित दरबार साहिब भविष्य में आध्यात्मिक जागरण, सामाजिक सद्भाव, सामुदायिक सेवा और राष्ट्रीय एकता का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा। इस अवसर पर पूर्व मंत्री डॉ. राजन सुशांत, जम्मू के पूर्व विधायक अश्विनी कुमार शर्मा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु, धार्मिक नेता और क्षेत्र के गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।