Green Energy And Hydro Project : मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि जल विद्युत राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और इसके दोहन में देरी प्रदेश को नुकसान पहुंचा रही है। ग्रीन ऊर्जा परियोजनाओं को प्राथमिकता दी जाएगी।
शिमला
बैठक में काजा, पांगी और शोंग टोंग सौर व जल विद्युत परियोजनाओं की समीक्षा, पंप भंडारण को बढ़ावा देने की तैयारी
निष्क्रिय जल विद्युत परियोजनाओं पर कार्रवाई के निर्देश
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने ऊर्जा विभाग को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जिन जल विद्युत परियोजनाओं पर वर्षों से काम नहीं हो रहा, उनके डेवलपर्स को नोटिस जारी किए जाएं और ज़रूरत पड़ने पर परियोजनाएं रद्द की जाएं। उन्होंने कहा कि ऐसी अनावश्यक देरी प्रदेश के राजस्व को भारी क्षति पहुंचा रही है।
एसजेवीएनएल से तीन परियोजनाएं वापस, रेणुका और किशाऊ पर सख्त रुख
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि राज्य सरकार ने एसजेवीएनएल को आवंटित सुन्नी (382 मेगावाट), लुहरी स्टेज-1 (210 मेगावाट) और धौलासिद्ध (66 मेगावाट) परियोजनाएं वापस लेने का निर्णय लिया है। साथ ही भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड द्वारा बकाया राशि न चुकाने तक किशाऊ और रेणुका बांध परियोजनाओं पर कोई कार्य नहीं होगा।
4403 मेगावाट और 8700 मेगावाट की पंप भंडारण परियोजनाएं प्रस्तावित
बैठक में बताया गया कि बीबीएमबी द्वारा भाखड़ा बांध पर 4403 मेगावाट और कोल बांध पर 8700 मेगावाट की पंप स्टोरेज परियोजनाएं संभावित मानी गई हैं। मुख्यमंत्री ने इन पर तेजी से काम शुरू करने के निर्देश दिए ताकि राज्य को अधिकतम लाभ मिल सके।
सौर ऊर्जा पर विशेष ध्यान, पांगी घाटी तक पहुंचेगी बिजली
मुख्यमंत्री ने एचपीएसईबीएल को निर्देश दिए कि अगस्त 2025 तक काजा सौर ऊर्जा परियोजना को पूरा करें और पांगी घाटी के धनवास में एक मेगावाट सौर ऊर्जा परियोजना को भी तय समय तक (दिसंबर 2025) पूरा किया जाए। इससे भारी बर्फबारी के बीच भी 19 ग्राम पंचायतों को निर्बाध बिजली मिल सकेगी।
शोंग टोंग प्रोजेक्ट और ग्रीन पंचायत योजना की समीक्षा
450 मेगावाट की शोंग टोंग जल विद्युत परियोजना की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने इसे समय पर पूरा करने को कहा। इसके अलावा ‘ग्रीन पंचायत योजना’ की प्रगति पर भी चर्चा हुई और इसमें तेजी लाने के निर्देश दिए गए।
नए सब स्टेशनों की स्थापना का निर्णय
बैठक में निर्णय लिया गया कि एचपीएसईबीएल 66 केवी के 5 सब स्टेशन और पावर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन लिमिटेड 132 और 220 केवी के कुल 10 सब स्टेशन स्थापित करेगा।

