राजगढ़ में 5 सितंबर को होगा पंडित डॉ. के.एल. सहगल को समर्पित गुरु सम्मान समारोह
राजगढ़ में शिक्षक दिवस के अवसर पर 5 सितंबर को महान संगीतज्ञ एवं संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से सम्मानित पंडित डॉ. कृष्णलाल सहगल की संगीत परंपरा को समर्पित गुरु सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा। बरशांता वाटिका बैंक्वेट हॉल में होने वाला यह समारोह शाम तीन बजे शुरू होगा। इसमें उनके शिष्य संगीत प्रस्तुतियों के माध्यम से गुरु की साधना और रचनात्मक विरासत को याद करेंगे।
राजगढ़
पंडित डॉ. के.एल. सहगल के शिष्यों रविंद्र वर्मा, अरुण आर्यन, राजेंद्र शर्मा और अखिल तोमर सहित अन्य शिष्यों ने बताया कि समारोह का उद्देश्य गुरु के प्रति सम्मान और श्रद्धा व्यक्त करने के साथ उनकी समृद्ध संगीत परंपरा को आगे बढ़ाना है। उनका कहना है कि गुरु से प्राप्त संगीत ज्ञान, संस्कार और परंपरा को अगली पीढ़ी तक पहुंचाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
समारोह में पंडित डॉ. कृष्णलाल सहगल के शिष्यों की ओर से शास्त्रीय, सुगम और लोक संगीत पर आधारित उनकी रचनाएं प्रस्तुत की जाएंगी। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से उनकी संगीत साधना और रचनात्मक विरासत को याद किया जाएगा। कार्यक्रम में गुरु-शिष्य परंपरा की जीवंत झलक भी देखने को मिलेगी, जिसने संगीत के ज्ञान, संस्कार और कला को पीढ़ी-दर-पीढ़ी आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
शिष्यों के अनुसार भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान सर्वोच्च माना गया है और संगीत के क्षेत्र में गुरु-शिष्य परंपरा का विशेष महत्व रहा है। उन्होंने पंडित डॉ. के.एल. सहगल की संगीत परंपरा को समर्पित इस समारोह को राजगढ़ के लिए गौरव का अवसर बताया। आयोजकों ने क्षेत्रवासियों और संगीत प्रेमियों से अधिक से अधिक संख्या में समारोह में पहुंचकर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाने का आग्रह किया है।
