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हादसा: शिमला में बंदरों के हमले से मकान से गिरीं बुजुर्ग महिला की आईजीएमसी में मौत

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन • 1 Hour Ago • 1 Min Read

हादसा: शिमला के शांति विहार वार्ड स्थित समिट्री क्षेत्र में बंदरों के हमले के दौरान तीन मंजिला मकान से गिरीं 63 वर्षीय सत्या देवी की शनिवार दोपहर करीब 12 बजे आईजीएमसी में मौत हो गई। सिर और छाती में गंभीर चोटें लगने के बाद वह सात दिन से अस्पताल के आईसीयू में भर्ती थीं।

शिमला/शिमला

स्थानीय पार्षद विनीत शर्मा के अनुसार, सत्या देवी 30 अगस्त की सुबह करीब 7:30 बजे मकान की छत पर रखी पानी की टंकियों को देखने गई थीं। इसी दौरान बंदरों के हमले के कारण वह तीन मंजिला मकान से नीचे गिर गईं। हादसे में उनके सिर और छाती पर गंभीर चोटें आई थीं। परिजन उन्हें उपचार के लिए आईजीएमसी ले गए, जहां हालत गंभीर होने के कारण आईसीयू में भर्ती किया गया। करीब एक सप्ताह तक उपचार चलने के बाद शनिवार को उन्होंने दम तोड़ दिया।

शहर में लगातार सामने आ रहे बंदरों के हमले

शिमला में बंदरों के हमलों के कारण पहले भी लोगों की जान जा चुकी है। शहर में हर महीने बंदरों के काटने के 30 से 40 मामले सामने आने की बात कही गई है। वन विभाग के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2019 में शिमला शहर में करीब 2,000 बंदर थे और सात वर्षों में उनकी संख्या बढ़ी है। जाखू, बैनमौर, छोटा शिमला, अपर ढली, लक्कड़ बाजार, बालूगंज, कसुम्पटी और संजौली सहित आसपास के क्षेत्रों में बंदरों के हमलों के मामले अधिक सामने आते हैं।

उपलब्ध विवरण के अनुसार, चार नवंबर 2014 को मिडिल बाजार में 38 वर्षीय ममता पर बंदर ने उस समय हमला किया था, जब वह घर की छत से कपड़े उठा रही थीं। हमले से घबराकर उनका संतुलन बिगड़ा और छत से गिरने के कारण मौके पर ही मौत हो गई। नौ जुलाई 2020 को कुफ्टाधार में छत पर काम कर रहीं 56 वर्षीय राजबाला भी बंदरों के हमले के दौरान नीचे गिर गई थीं। हरियाणा के यमुनानगर की रहने वाली राजबाला की इस घटना में मौत हो गई थी।

वर्ष 2020 में ही संजौली में एक बच्चा बंदरों से डरकर घर के लेंट्र से नीचे गिर गया था और बाद में पीजीआई में उसकी मौत हो गई। वर्ष 2023 में ढांडा क्षेत्र की 19 वर्षीय हिमांशी तीसरी मंजिल पर कपड़े सुखाने गई थीं। इसी दौरान बंदरों के हमले से घबराकर वह नीचे गिर गईं। उन्हें घायल अवस्था में आईजीएमसी ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया था। इन घटनाओं के कारण शहर में बंदरों से सुरक्षा का मुद्दा लगातार बना हुआ है।

लोअर बाजार में भी घायल हुई थीं बुजुर्ग महिला

सितंबर 2025 में लोअर बाजार में बंदर के हमले के दौरान घायल हुईं 71 वर्षीय मधु की भी आईजीएमसी में मौत हो गई थी। वह घर की सीढ़ियों पर चल रही थीं, तभी बंदर ने उन्हें धक्का मार दिया था। चोट लगने के कुछ दिन बाद उन्होंने अस्पताल में दम तोड़ा। चिकित्सकों के अनुसार, उनकी मृत्यु सीधे तौर पर बंदर के हमले से नहीं हुई थी, बल्कि चोट के बाद स्वास्थ्य संबंधी जटिलताएं उत्पन्न होने के कारण उन्हें कार्डियक अरेस्ट हुआ था।

शहर में बंदरों की नसबंदी और उन्हें पकड़ने की कार्रवाई नहीं होने की बात भी सामने आई है। केंद्र सरकार की ओर से बंदरों को वन्यजीव की श्रेणी से बाहर किए जाने के बाद वन विभाग और नगर निगम की कार्रवाई को लेकर सवाल उठ रहे हैं। लगातार हो रहे हमलों के बीच स्थानीय लोगों की सुरक्षा से जुड़ी चिंता बढ़ी है और प्रभावित क्षेत्रों में बंदरों की समस्या का समाधान किए जाने की मांग बनी हुई है।

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