उड़न दस्ते ने पट्टा और लदरौर में किया निरीक्षण, कोटपा अधिनियम के तहत 13 चालान
जिला स्तरीय उड़न दस्ते ने पट्टा और लदरौर क्षेत्र में तंबाकू उत्पादों की बिक्री और सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान से संबंधित नियमों की जांच के लिए औचक निरीक्षण अभियान चलाया। निरीक्षण के दौरान कोटपा अधिनियम, 2003 के विभिन्न प्रावधानों के तहत कुल 13 चालान किए गए तथा दुकानदारों को निर्धारित नियमों की अनुपालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
हमीरपुर
पट्टा और लदरौर क्षेत्र में हुआ निरीक्षण
हिमाचल प्रदेश खुली सिगरेट एवं बीड़ी की बिक्री निषेध तथा सिगरेट एवं अन्य तंबाकू उत्पादों के खुदरा व्यापार विनियमन अधिनियम, 2016 और कोटपा अधिनियम, 2003 की अनुपालना सुनिश्चित करने के लिए गठित जिला स्तरीय उड़न दस्ते ने शनिवार को पट्टा और लदरौर क्षेत्र के विभिन्न व्यापारिक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। अभियान का उद्देश्य सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान रोकने और तंबाकू उत्पादों की बिक्री से संबंधित नियमों के पालन की समीक्षा करना था।
कोटपा अधिनियम के तहत 13 चालान
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अजय अत्री ने बताया कि निरीक्षण के दौरान कोटपा अधिनियम, 2003 की धारा-4 के तहत 7 चालान तथा धारा-6 के तहत 6 चालान किए गए। इस प्रकार कुल 13 चालान जारी किए गए। अभियान में मुख्य चिकित्सा अधिकारी के साथ औषधि निरीक्षक मोनिका शर्मा और पुलिस के चिट्टा मुक्त अभियान से जुड़ी टीम के सदस्य भी शामिल रहे।
दुकानदारों को दिए गए आवश्यक निर्देश
डॉ. अजय अत्री ने दुकानदारों से कहा कि तंबाकू उत्पादों की बिक्री केवल वैध लाइसेंस प्राप्त करने के बाद ही की जाए। उन्होंने लाइसेंसधारकों को अपने लाइसेंस दुकान के सामने स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करने तथा खुली सिगरेट की बिक्री से बचने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नियमों की अनदेखी करने पर अधिनियम के तहत निर्धारित कार्रवाई की जा सकती है।
लाइसेंस संबंधी दिशा-निर्देश जारी
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि खुली सिगरेट बेचते पाए जाने पर संबंधित दुकानदार पर पांच हजार रुपये तक जुर्माना लगाया जा सकता है। दोबारा उल्लंघन पाए जाने पर जुर्माने के साथ अन्य कानूनी प्रावधान भी लागू हो सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जिन दुकानदारों ने स्कूलों के 100 गज के दायरे में तंबाकू उत्पादों की बिक्री के लिए लाइसेंस लिया हुआ है, वे संबंधित विभाग में अपना लाइसेंस शीघ्र जमा करवाएं।