हमीरपुर में 16 दिन बाद युवक का शव घर पहुंचा, परिजनों ने पोस्टमार्टम न होने पर उठाए सवाल
Himachalnow / हमीरपुर
हमीरपुर के काली चीक गांव में स्विमिंग पूल में डूबने से मृत युवक का शव 16 दिन बाद घर पहुंचाया गया, जिसके बाद पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ अंतिम संस्कार किया गया। परिजनों ने शव के पोस्टमार्टम न होने पर आपत्ति जताई है और पूरे मामले की जांच कर स्पष्टता लाने की मांग प्रशासन से की है।
हमीरपुर
विदेश में कार्यरत था युवक
परिजनों के अनुसार युवक विदेश में कार्यरत था और निकट समय में घर लौटने की योजना थी। परिवार द्वारा उसकी वापसी को लेकर तैयारियां की जा रही थीं और पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार कार्यक्रम भी तय किए गए थे। हालांकि, अचानक हुई घटना के बाद यह पूरा क्रम प्रभावित हुआ और परिवार को लंबा इंतजार करना पड़ा। युवक परिवार का एकमात्र पुत्र था, जबकि उसकी दोनों बहनों का विवाह पहले ही हो चुका है, जिससे परिवार में उसकी भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही थी।
घटना और अंतिम संस्कार की प्रक्रिया
महारल पंचायत के काली चीक गांव में युवक का शव 16 दिन बाद घर पहुंचने के बाद स्थानीय लोगों की उपस्थिति में अंतिम संस्कार किया गया।परिजनों द्वारा अंतिम संस्कार से पूर्व युवक को दूल्हे की तरह सजाया गया और इसके बाद निर्धारित विधि के अनुसार अंतिम क्रियाएं संपन्न की गईं। जानकारी के अनुसार युवक की मृत्यु स्विमिंग पूल में डूबने से हुई थी और विदेश से शव को भारत लाने की प्रक्रिया में समय लगा। शव के गांव पहुंचने के बाद पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार अंतिम क्रियाएं संपन्न की गईं, जिसमें परिवारजनों के साथ-साथ आसपास के लोग भी शामिल रहे।
पोस्टमार्टम को लेकर उठे सवाल
परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम न किए जाने को लेकर आपत्ति दर्ज करवाई है और संबंधित अधिकारियों से इस विषय में जांच करने की मांग की है। उनका कहना है कि पूरी प्रक्रिया को लेकर स्पष्ट जानकारी मिलनी चाहिए ताकि घटना से जुड़े सभी पहलुओं को समझा जा सके। प्रशासन से अपेक्षा की गई है कि मामले में आवश्यक कार्रवाई करते हुए तथ्यों को सार्वजनिक किया जाए।