कृषि विकास अधिकारियों की पदोन्नति वापसी मामले में हाईकोर्ट ने लगाई अंतरिम रोक
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने कृषि विभाग द्वारा कृषि विकास अधिकारियों की पदोन्नति वापस लेने संबंधी अधिसूचना पर अंतरिम रोक लगा दी है। अदालत ने राज्य सरकार को चार सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं, जबकि मामले की अगली सुनवाई 23 जून को निर्धारित की गई है।
शिमला
हाईकोर्ट ने अधिसूचना पर लगाई अंतरिम रोक
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने कृषि विभाग की ओर से जारी उस अधिसूचना पर अगली सुनवाई तक अंतरिम रोक लगा दी है, जिसके तहत कृषि विकास अधिकारियों (एडीओ) की पदोन्नति वापस लेने के आदेश जारी किए गए थे। मामले की सुनवाई न्यायाधीश विवेक सिंह ठाकुर और रंजन शर्मा की खंडपीठ ने की। अदालत ने मामले में अंतरिम राहत जारी रखते हुए विभागीय आदेशों के प्रभाव पर फिलहाल रोक बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।
4 फरवरी को हुई थी पदोन्नति
याचिकाकर्ताओं की ओर से अदालत में दायर याचिका में कहा गया कि उन्हें 4 फरवरी 2026 को कृषि विकास अधिकारी पद पर पदोन्नत किया गया था। पदोन्नति के बाद संबंधित अधिकारियों ने नए पदों पर कार्यभार भी संभाल लिया था। याचिकाकर्ताओं का कहना था कि विभागीय प्रक्रिया पूरी होने के बाद जारी किए गए प्रमोशन आदेशों को बाद में वापस लेना नियमों और प्रशासनिक प्रक्रिया के अनुरूप नहीं है।
2 मई की अधिसूचना को दी गई चुनौती
याचिका में कहा गया कि कृषि विभाग ने 2 मई 2026 को नई अधिसूचना जारी कर पहले जारी पदोन्नति आदेश वापस ले लिए। याचिकाकर्ताओं ने अदालत को बताया कि पूर्व में पारित आदेशों में अदालत ने विभाग को पदोन्नति रद्द करने का कोई निर्देश नहीं दिया था। उन्होंने तर्क दिया कि विभाग ने अपने स्तर पर यह निर्णय लिया और इसके कारण पदोन्नत अधिकारियों को प्रभावित होना पड़ा।
विभाग ने अदालत में रखा अपना पक्ष
कृषि विभाग की ओर से अदालत में कहा गया कि यह कार्रवाई पूर्व में लंबित कुछ न्यायिक मामलों और उनसे संबंधित आदेशों के अनुपालन में की गई थी। विभाग ने अपने निर्णय को प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा बताया। वहीं अदालत ने सुनवाई के दौरान कहा कि पदोन्नति वापस लेने का निर्णय विभाग द्वारा स्वयं लिया गया है। अदालत ने यह भी उल्लेख किया कि पूर्व में विभाग को यह छूट दी गई थी कि यदि आवश्यक समझे तो वह 2 मई वाली अधिसूचना वापस लेने पर विचार कर सकता है।
राज्य सरकार को जवाब दाखिल करने के निर्देश
खंडपीठ ने मामले में राज्य सरकार को चार सप्ताह के भीतर अपना विस्तृत जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने कहा कि मामले से जुड़े सभी तथ्यों और दस्तावेजों के आधार पर अगली सुनवाई में विस्तृत विचार किया जाएगा। फिलहाल विभागीय अधिसूचना पर रोक जारी रहेगी।
23 जून को होगी अगली सुनवाई
मामले की अगली सुनवाई 23 जून को निर्धारित की गई है। तब तक कृषि विभाग द्वारा जारी पदोन्नति वापसी संबंधी आदेशों पर अंतरिम रोक प्रभावी रहेगी। मामले से जुड़े अधिकारी और याचिकाकर्ता अब आगामी सुनवाई पर नजर बनाए हुए हैं।
