HIM MAKKI AATA / डिपुओं में हाथों-हाथ बिक रहा है ‘हिम मक्की आटा’
HIM MAKKI AATA : भ्याड़ सहकारी सभा ने शुरू की ऑनलाइन शॉपिंग और होम डिलीवरी सुविधा
रासायनिक खाद और कीटनाशकों के दुष्प्रभावों को देखते हुए प्रदेश सरकार प्राकृतिक खेती को बड़े पैमाने पर बढ़ावा दे रही है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने प्राकृतिक खेती से तैयार मक्की और गेहूं की फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) घोषित कर एक अनूठी पहल की। पिछले खरीफ सीजन से सरकार ने 30 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से मक्की खरीद शुरू की, जिसके तहत प्रदेश में लगभग 400 मीट्रिक टन मक्की खरीदी गई। अब यह मक्की उचित मूल्य की दुकानों पर ‘हिम मक्की आटा’ ब्रांड के नाम से बेची जा रही है, जो जनता के बीच बेहद लोकप्रिय हो रही है।
हमीरपुर में बढ़ी मांग
जिला हमीरपुर में द भ्याड़ कृषि सेवा सहकारी सभा के डिपो में हिम मक्की आटा की मांग तेजी से बढ़ रही है। सहकारी सभा के सचिव अमन कुमार ने बताया कि आटे की गुणवत्ता को देखते हुए लोग इसे खूब पसंद कर रहे हैं। डिपो में आने वाले ग्राहक इसे हाथों-हाथ खरीद रहे हैं।
ऑनलाइन शॉपिंग और होम डिलीवरी की सुविधा
द भ्याड़ कृषि सेवा सहकारी सभा ने ग्राहकों के लिए ऑनलाइन शॉपिंग और होम डिलीवरी की सुविधा भी शुरू की है। इसके लिए सहकारी सभा के ऑनलाइन पोर्टल पर विशेष व्यवस्था की गई है, जिससे क्षेत्र के लोग घर बैठे ही इस आटे की मांग कर सकते हैं। उनकी थैली सीधे उनके घर तक पहुंचाई जाएगी।
प्राकृतिक खेती को मिल रहा बढ़ावा
मुख्यमंत्री के प्रयासों से प्राकृतिक खेती को बड़े पैमाने पर प्रोत्साहन मिल रहा है। यह पहल न केवल किसानों को आत्मनिर्भर बना रही है, बल्कि उपभोक्ताओं को उच्च गुणवत्ता वाले उत्पाद भी प्रदान कर रही है।