Himachal / गगरेट में नकली नोट गिरोह सक्रिय, सब्जी विक्रेताओं को 500 रुपये के फर्जी नोट देकर ठगी
Himachalnow / ऊना
गगरेट क्षेत्र में नकली 500 रुपये के नोटों के जरिए सब्जी विक्रेताओं से ठगी के मामले सामने आए हैं, जहां दो अलग-अलग स्थानों पर समान तरीके से घटनाएं दर्ज की गई हैं और नोटों के सीरियल नंबर भी एक जैसे पाए गए हैं। मामले के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाई गई है।
ऊना
गगरेट में नकली नोटों के मामले सामने आए
हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले के गगरेट विधानसभा क्षेत्र में नकली नोटों से संबंधित कई घटनाएं दर्ज की गई हैं। हाल के मामलों में कुछ व्यक्तियों द्वारा ग्राहक बनकर स्थानीय दुकानों से सामान खरीदा गया और भुगतान के रूप में 500 रुपये के नोट दिए गए, जो बाद में जांच के दौरान नकली पाए गए। इन घटनाओं के सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर व्यापारियों के बीच लेन-देन को लेकर सतर्कता बढ़ाई गई है और पुलिस द्वारा भी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
दो गांवों में समान पैटर्न की घटनाएं
दियोली और नंगल जरियालां गांव में सामने आए मामलों में एक समान तरीका अपनाया गया है। दोनों स्थानों पर सब्जी विक्रेताओं को ग्राहक बनकर आए व्यक्तियों ने नकली नोट देकर भुगतान किया। दियोली में एक विक्रेता को यह जानकारी तब हुई जब उन्होंने आगे सप्लायर को भुगतान करने का प्रयास किया और नोट नकली निकला। इसी प्रकार नंगल जरियालां में भी एक अन्य विक्रेता के साथ भुगतान के दौरान समान स्थिति सामने आई , जिससे यह पता चलता है कि घटना एक तरीके से की गई है।
नोटों के सीरियल नंबर से जुड़ी जानकारी
दोनों घटनाओं में पाए गए नकली नोटों के सीरियल नंबर एक जैसे होने की जानकारी सामने आई है। इस तथ्य के आधार पर यह संभावना जताई जा रही है कि इन मामलों में एक ही स्रोत या समूह शामिल हो सकता है। जांच के दौरान इस पहलू को प्रमुखता से देखा जा रहा है और संबंधित सूचनाएं एकत्रित की जा रही हैं, ताकि नोटों के स्रोत और वितरण के तरीके का पता लगाया जा सके।
पुलिस जांच और स्थानीय स्तर पर निगरानी
मामलों के सामने आने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और संबंधित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है। अधिकारियों द्वारा दुकानदारों और स्थानीय लोगों से जानकारी एकत्र की जा रही है, ताकि संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान की जा सके। साथ ही आसपास के क्षेत्रों में भी इसी तरह की घटनाओं की जानकारी जुटाई जा रही है, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि यह गतिविधि सीमित क्षेत्र तक है या व्यापक स्तर पर संचालित हो रही है।