हिमाचल में सेब खरीद प्रक्रिया होगी डिजिटल, बागबानों को डीबीटी के जरिए भुगतान पर सरकार का जोर
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बागबानी विभाग को सेब खरीद प्रक्रिया को डिजिटल बनाने और बागबानों को प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण के माध्यम से भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। सरकार ने इस वर्ष मंडी मध्यस्थता योजना के तहत सेब खरीद के लिए लगभग 132 संग्रह केंद्र स्थापित करने की तैयारी की है।
शिमला
सेब खरीद प्रक्रिया को डिजिटल बनाने के निर्देश
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सोमवार शाम शिमला में आयोजित बागबानी विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए अधिकारियों को सेब खरीद प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल बनाने के निर्देश दिए। बैठक में मंडी मध्यस्थता योजना के तहत बागबानों को भुगतान प्रणाली में सुधार, संग्रह केंद्रों की व्यवस्था और एचपीएमसी उत्पादों के विपणन को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।मुख्यमंत्री ने कहा कि मंडी मध्यस्थता योजना के अंतर्गत सेब खरीद पर बागबानों को प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) के माध्यम से भुगतान की संभावनाओं पर कार्य किया जाए। वर्तमान व्यवस्था में बागबानों को नकद भुगतान के स्थान पर विभागीय सामग्री उपलब्ध करवाई जाती है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसी व्यवस्था तैयार की जाए जिससे बागबानों को समय पर सीधे भुगतान सुनिश्चित हो सके।
132 संग्रह केंद्र स्थापित करने की तैयारी
बैठक में जानकारी दी गई कि वर्ष 2026-27 के लिए मंडी मध्यस्थता योजना के अंतर्गत प्रदेश में लगभग 132 संग्रह केंद्र स्थापित किए जाने प्रस्तावित हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सेब उत्पादक क्षेत्रों में पर्याप्त संख्या में संग्रह केंद्र स्थापित किए जाएं ताकि किसानों और बागबानों को अपने उत्पाद बेचने में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।उन्होंने कहा कि संग्रह केंद्रों पर पारदर्शी और व्यवस्थित खरीद प्रक्रिया सुनिश्चित की जानी चाहिए। डिजिटल प्रणाली लागू होने से खरीद प्रक्रिया की निगरानी आसान होगी और भुगतान संबंधी कार्यों में भी पारदर्शिता बनी रहेगी।
एचपीएमसी उत्पादों के विपणन पर भी जोर
मुख्यमंत्री ने एचपीएमसी के एप्पल जूस कंसंट्रेट और अन्य उत्पादों के प्रभावी विपणन को लेकर भी अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उत्पादों की बिक्री प्रक्रिया को तेज करने और संस्थान को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए नीलामी केंद्रों की संख्या बढ़ाने की दिशा में भी कार्य किया जाए।बैठक के दौरान उत्पाद प्रबंधन, विपणन व्यवस्था और खरीद प्रक्रिया में तकनीकी सुधारों पर भी चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से पूरी प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाया जा सकता है।
किसानों और बागबानों के हितों पर सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों और बागबानों के हितों की सुरक्षा के लिए विभिन्न योजनाओं पर कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि पिछले साढ़े तीन वर्षों में कृषि और बागबानी क्षेत्र को मजबूत करने के लिए कई कदम उठाए गए हैं।बैठक में एचपीएमसी के उपाध्यक्ष सुरेंद्र शर्मा, प्रधान सचिव वित्त देवेश कुमार, सचिव बागबानी सी पॉलरासु, मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर, निदेशक डिजिटल टेक्नोलॉजी एवं गवर्नेंस डॉ. निपुण जिंदल, एचपीएमसी के प्रबंध निदेशक डीसी राणा, उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप तथा निदेशक बागबानी सतीश कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।