डा. वाई.एस. परमार विद्यार्थी ऋण योजना का गांव-गांव प्रचार, सांस्कृतिक कार्यक्रमों से दी सरकारी योजनाओं की जानकारी
प्रदेश सरकार की डॉ. वाई.एस. परमार विद्यार्थी ऋण योजना के तहत पात्र विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए एक प्रतिशत ब्याज दर पर 20 लाख रुपये तक का शिक्षा ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। सिरमौर जिले में आयोजित जनजागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को इस योजना सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी और लाभ लेने की प्रक्रिया समझाई गई।
नाहन
प्रदेश सरकार की डॉ. वाई.एस. परमार विद्यार्थी ऋण योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए मात्र एक प्रतिशत ब्याज दर पर 20 लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। इस योजना का उद्देश्य मेधावी छात्रों को आर्थिक अभाव के कारण उच्च शिक्षा से वंचित न रहने देना है।यह जानकारी रविवार को सिरमौर जिले में चलाए जा रहे विशेष जनजागरूकता अभियान के दौरान विकास खंड राजगढ़ की ग्राम पंचायत दीदग और ठोड़निवाड़ तथा विकास खंड पच्छाद की ग्राम पंचायत वासनी और चमेंजी में आयोजित फोक मीडिया कार्यक्रमों में लोगों को दी गई।
कार्यक्रमों में सूचना एवं जनसंपर्क विभाग से अनुमोदित शिरगुल सांस्कृतिक दल और गिरिगंगा सांस्कृतिक दल ने गीतों और नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से लोगों को डॉ. वाई.एस. परमार विद्यार्थी ऋण योजना के साथ-साथ सरकार गांव के द्वार, सुख आश्रय योजना, अंतरजातीय विवाह योजना, दिव्यांग विवाह अनुदान, अंबेडकर लघु ऋण योजना तथा मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष जैसी विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। साथ ही इन योजनाओं का लाभ लेने की प्रक्रिया भी विस्तार से समझाई गई।
सांस्कृतिक दलों ने युवाओं को नशे से दूर रहने और शिक्षा व सकारात्मक जीवनशैली अपनाने का संदेश भी दिया। कार्यक्रमों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लेकर योजनाओं की जानकारी प्राप्त की।इस अवसर पर ठोड़निवाड़ पंचायत की प्रधान शकुन्तला चौहान, उपप्रधान सूरज, दीदग पंचायत के प्रधान वेद प्रकाश, उपप्रधान बलबीर सिंह, व्यापार मंडल अध्यक्ष दिलावर सिंह, वासनी पंचायत की प्रधान विद्या देवी, उपप्रधान वीरेंद्र शर्मा, चमेंजी पंचायत के उपप्रधान चमेल सिंह, बीडीसी सदस्य ममता कुमारी तथा वार्ड सदस्य सुरेश कुमार, रंजना, लता, अमरा देवी, सुनीता, मदन सिंह और हरदेव सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।