निकाय और पंचायतीराज चुनावों में भाजपा ने बनाई बढ़त, कांग्रेस रणनीति में पिछड़ी : राकेश जामवाल
भाजपा ने हिमाचल में निकाय और पंचायतीराज चुनावों को लेकर कांग्रेस पर संगठनात्मक बढ़त का दावा किया है। पार्टी का कहना है कि प्रत्याशी चयन, बूथ प्रबंधन और प्रचार अभियान में भाजपा पहले से सक्रिय है। वहीं कांग्रेस कई क्षेत्रों में अब भी रणनीति और उम्मीदवारों को लेकर उलझन में दिखाई दे रही है।
शिमला
हिमाचल प्रदेश में पंचायतीराज एवं शहरी निकाय चुनावों को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी बीच भाजपा ने दावा किया है कि संगठनात्मक मजबूती, प्रत्याशी चयन, प्रचार अभियान और अनुशासनात्मक कार्रवाई के स्तर पर पार्टी ने कांग्रेस पर निर्णायक बढ़त बना ली है। भाजपा के मुख्य प्रवक्ता राकेश जामवाल ने बुधवार को जारी बयान में कहा कि भाजपा पूरे प्रदेश में सुनियोजित रणनीति और मजबूत संगठनात्मक समन्वय के साथ चुनाव मैदान में उतरी है, जबकि कांग्रेस अब तक कई क्षेत्रों में प्रत्याशी चयन और चुनावी रणनीति को लेकर उलझन में दिखाई दे रही है।
भाजपा के अनुसार पार्टी ने समय रहते अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी थी और बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं को सक्रिय कर दिया गया है। पार्टी ने प्रदेश की 12 जिला परिषद, 25 नगर परिषद, 22 नगर पंचायत, 92 बीडीसी और 3759 पंचायतों में व्यापक चुनावी रणनीति तैयार की है। भाजपा नेताओं का दावा है कि अधिकांश स्थानों पर संगठनात्मक समन्वय के जरिए समर्थित उम्मीदवारों को एकजुट तरीके से चुनाव मैदान में उतारा गया है।नगर निगम चुनावों को लेकर भाजपा ने विशेष रूप से अपनी सक्रियता दिखाई है। पार्टी ने सोलन, मंडी, धर्मशाला और पालमपुर नगर निगमों के 64 वार्डों में कांग्रेस से पहले अपने प्रत्याशी घोषित कर दिए। भाजपा का आरोप है कि कई वार्डों में कांग्रेस को उम्मीदवार खोजने में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा, जबकि भाजपा ने पहले ही चुनावी तैयारी पूरी कर ली थी।
भाजपा नेताओं के अनुसार जिला परिषद चुनावों में भी कांग्रेस संगठनात्मक रूप से कमजोर नजर आई। पार्टी का कहना है कि जहां भाजपा ने लगभग हर जिला परिषद वार्ड में समर्थित उम्मीदवार उतार दिए हैं, वहीं कांग्रेस अब तक समग्र सूची तक जारी नहीं कर पाई है।प्रदेश में भाजपा का प्रचार अभियान भी लगातार तेज गति से चल रहा है। भाजपा प्रदेश प्रभारी श्रीकांत शर्मा, सह प्रभारी संजय टंडन, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सौदान सिंह, नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल लगातार चुनावी क्षेत्रों में जनसभाएं और बैठकें कर रहे हैं। इसके अलावा सांसद सुरेश कश्यप, डॉ. राजीव भारद्वाज और डॉ. सिकंदर कुमार भी चुनाव प्रचार में सक्रिय हैं।
भाजपा ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि पार्टी का चुनाव प्रचार देर से शुरू हुआ और केंद्रीय नेतृत्व की सक्रियता भी अपेक्षाकृत कम रही। भाजपा नेताओं का कहना है कि कांग्रेस के भीतर लगातार असंतोष और शिकायतें सामने आती रहीं, लेकिन अनुशासनात्मक कार्रवाई के स्तर पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।भाजपा ने संगठनात्मक अनुशासन को लेकर भी अपनी सक्रियता का जिक्र किया। पार्टी के अनुसार चुनावों के दौरान अनुशासनहीनता पर तत्काल कार्रवाई करते हुए पालमपुर नगर निगम में एक, सोलन में चार और धर्मशाला में पांच नेताओं को निलंबित किया गया। वहीं सिरमौर जिला परिषद चुनाव को लेकर भी एक निष्कासन किया गया।
भाजपा ने चुनावी विजन को लेकर भी कांग्रेस को घेरा। पार्टी ने सोलन, धर्मशाला, पालमपुर और मंडी नगर निगमों के लिए अपने संकल्प पत्र जारी कर दिए हैं, जिनमें पेयजल, यातायात, स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर, पर्यटन और रोजगार जैसे मुद्दों को प्रमुखता दी गई है। भाजपा का कहना है कि कांग्रेस अब तक केवल सोलन नगर निगम के लिए ही अपना दृष्टिपत्र जारी कर पाई है।भाजपा मुख्य प्रवक्ता राकेश जामवाल ने कहा कि प्रदेश में भाजपा पूरी मजबूती और संगठनात्मक समन्वय के साथ चुनाव लड़ रही है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा का कार्यकर्ता बूथ स्तर तक सक्रिय है, जबकि कांग्रेस अब भी अपने संगठन और उम्मीदवारों को लेकर असमंजस में दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि जनता भाजपा के विकास, अनुशासन और स्पष्ट विजन के साथ खड़ी है।