वित्तीय वर्ष 2026-27 में बीपीएल और पीएचएच परिवारों को 15 किलो नि:शुल्क चावल और 35 किलो राशन
Himachalnow / कांगड़ा
हिमाचल प्रदेश में वित्तीय वर्ष 2026-27 के तहत बीपीएल और पीएचएच परिवारों को 15 किलो चावल नि:शुल्क मिलेगा। इसके अलावा प्रत्येक परिवार को 18.8 किलो आटा प्रति सदस्य मात्र एक रुपए 20 पैसे में उपलब्ध कराया जाएगा। योजना के तहत राज्य के एक लाख 80 हजार से अधिक परिवारों को राशन डिपुओं में वितरित किया जाएगा।
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बीपीएल और पीएचएच परिवारों के लिए राशन योजना
वित्तीय वर्ष 2026-27 में राज्य सरकार ने गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले बीपीएल और पीएचएच परिवारों के लिए राशन वितरण की योजना लागू की है। योजना के तहत प्रत्येक परिवार को 15 किलो चावल पूरी तरह से नि:शुल्क प्रदान किया जाएगा। इसके अतिरिक्त 18.8 किलो आटा प्रति सदस्य मात्र एक रुपए 20 पैसे में उपलब्ध कराया जाएगा। पीएचएच परिवारों को परिवार के प्रत्येक सदस्य के लिए अतिरिक्त 2.8 किलो आटा और 2 किलो चावल भी प्रदान किया जाएगा। इस व्यवस्था से राज्य में राशन वितरण में पारदर्शिता और समय पर उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी।
मध्यवर्गीय और एपीएल परिवारों के लिए नई व्यवस्था
इस माह मध्यवर्गीय परिवारों और एपीएल श्रेणी के परिवारों के लिए भी राशन वितरण की नई व्यवस्था लागू की गई है। एपीएल परिवारों को इस माह 12 किलो आटा 12 रुपए प्रति परिवार और 6 किलो चावल 13 रुपए प्रति परिवार के अनुसार प्रदान किया जाएगा। इससे उपभोक्ताओं को समय पर राशन उपलब्ध कराना सुनिश्चित होगा और पिछले माह की तुलना में राशन आपूर्ति में सुधार किया गया है।
तेल की कीमत और वितरण
अप्रैल महीने में रिफाइंड तेल डिपुओं में 135 रुपए प्रति लीटर के हिसाब से उपलब्ध होगा, जबकि सरसों तेल 153 रुपए प्रति लीटर के अनुसार वितरित किया जाएगा। कांगड़ा खाद्य आपूर्ति विभाग के खाद्य नियंत्रक पुरुषोत्तम सिंह ने बताया कि यह व्यवस्था उपभोक्ताओं को उचित मूल्य पर राशन उपलब्ध कराने के लिए की गई है। यह पहल विशेष रूप से बीपीएल और पीएचएच परिवारों के लिए वित्तीय सहायता सुनिश्चित करने की दिशा में है।
प्रशासनिक आंकड़े और लाभार्थी संख्या
एनएफएसए योजना के तहत एक लाख 80 हजार से अधिक परिवारों को राशन डिपुओं में वितरित किया जाएगा। योजना के क्रियान्वयन के दौरान सरकार वास्तविक लाभार्थियों का सटीक डेटा भी प्राप्त कर सकेगी, जिससे भविष्य में वितरण और योजनाओं को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। सभी परिवारों को राशन वितरण की प्रक्रिया में सुविधा और समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए राज्य भर में राशन डिपुओं में निगरानी और प्रशासनिक कदम उठाए जा रहे हैं।