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हिमाचल में नशे से जुड़े मामलों में 21 पुलिसकर्मियों सहित 31 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन2 • 1 Hour Ago • 1 Min Read

हिमाचल प्रदेश सरकार ने नशीले पदार्थों से जुड़ी गतिविधियों में संलिप्त पाए गए 31 सरकारी कर्मचारियों को सेवा से बर्खास्त किया है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार ने नशा तस्करी के खिलाफ सख्त कार्रवाई और शून्य सहनशीलता की नीति अपनाई है।

शिमला

एनसीओआरडी बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने दी जानकारी

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सोमवार को नारकोटिक्स समन्वय (एनसीओआरडी) समिति की बैठक की अध्यक्षता के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने नशे से जुड़े मामलों में संलिप्त पाए गए कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई तेज की है। उन्होंने बताया कि अब तक 21 पुलिस कर्मियों सहित कुल 31 सरकारी कर्मचारियों को सेवा से बर्खास्त किया जा चुका है। मुख्यमंत्री के अनुसार नशा तस्करी और मादक पदार्थों से जुड़ी गतिविधियों के खिलाफ सरकार ने शून्य सहनशीलता की नीति लागू की है और किसी भी स्तर पर लापरवाही या संलिप्तता को स्वीकार नहीं किया जाएगा।

123 कर्मचारियों और पुलिस कर्मियों पर हुई कार्रवाई

मुख्यमंत्री ने बताया कि नशा संबंधी गतिविधियों में संलिप्तता के मामलों में अब तक 123 सरकारी कर्मचारियों और पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। इनमें हिमाचल प्रदेश पुलिस के 21 कर्मियों और राज्य सरकार के 10 कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त की गई हैं। इसके अलावा एचआरटीसी, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग, ग्रामीण विकास विभाग, राज्य बिजली बोर्ड, बैंकिंग संस्थानों, जल शक्ति विभाग और पशुपालन विभाग के कर्मचारियों के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई शुरू की गई है। उन्होंने कहा कि सरकार और पुलिस व्यवस्था में पारदर्शिता, अनुशासन और जनविश्वास बनाए रखना प्राथमिकता है।

पुनर्वास केंद्रों पर भी सरकार का फोकस

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार नशे के खिलाफ कार्रवाई के साथ-साथ पुनर्वास आधारित दृष्टिकोण पर भी कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि नशा छोड़ने के इच्छुक युवाओं को उपचार, परामर्श और पुनर्वास सुविधाओं से जोड़ा जा रहा है। इसी दिशा में शिमला जिला के मशोबरा में एक पुनर्वास केंद्र स्थापित किया जा रहा है, जो 20 मई से कार्यात्मक हो जाएगा। इसके अलावा डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय मेडिकल कॉलेज टांडा में भी एक अन्य पुनर्वास केंद्र शुरू करने की प्रक्रिया जारी है।

एनडीपीएस एक्ट के तहत हजारों मामले दर्ज

मुख्यमंत्री के अनुसार वर्ष 2023 से अब तक राज्य में एनडीपीएस एक्ट के तहत 6,811 मामले दर्ज किए गए हैं। इस अवधि में 10,357 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया तथा चिट्टे सहित 45,867 किलोग्राम नशीले पदार्थ जब्त किए गए। उन्होंने बताया कि पीआईटी-एनडीपीएस अधिनियम के तहत 174 नशा तस्करों और संबंधित व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया है। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि इस अधिनियम के तहत निवारक कार्रवाई करने के मामले में हिमाचल प्रदेश देश में अग्रणी राज्यों में शामिल है।

अवैध संपत्तियों की पहचान और कार्रवाई जारी

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले साढ़े तीन वर्षों में नशा कारोबार से जुड़ी लगभग 51 करोड़ रुपये की अवैध संपत्तियां जब्त की गई हैं। स्पेशल टास्क फोर्स द्वारा 700 से अधिक मामलों की जांच की गई है, जबकि 300 मामलों को वित्तीय जांच और संपत्ति फ्रीज करने के लिए चिन्हित किया गया है। अब तक 76 अवैध संपत्तियों की पहचान की जा चुकी है तथा 17 मामलों में ध्वस्तीकरण अथवा बेदखली की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। उन्होंने अधिकारियों को बार-बार अपराध में शामिल लोगों की निगरानी और अवैध संपत्तियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए।