हिमाचल ने मिड-डे मील और समग्र शिक्षा योजना के लिए केंद्र से मांगा करोड़ों का बजट
हिमाचल प्रदेश सरकार ने वर्ष 2026-27 के लिए मिड-डे मील योजना को जारी रखने हेतु केंद्र सरकार से 119 करोड़ रुपये की मांग की है। इसके साथ ही समग्र शिक्षा अभियान के तहत प्रदेश के लिए 746 करोड़ रुपये के बजट प्रस्ताव को भी केंद्र के समक्ष रखा जाएगा।
शिमला
मिड-डे मील योजना के लिए केंद्र से मांगी आर्थिक सहायता
हिमाचल प्रदेश सरकार ने सरकारी स्कूलों में संचालित मध्याह्न भोजन योजना को प्रभावी ढंग से जारी रखने के लिए केंद्र सरकार से वित्तीय सहायता का आग्रह किया है। सोमवार को वर्चुअल माध्यम से आयोजित प्री-एप्रूवल बोर्ड (प्री-पैब) बैठक में शिक्षा विभाग की ओर से वर्ष 2026-27 के लिए 119 करोड़ रुपये का बजट प्रस्ताव रखा गया। शिक्षा विभाग का कहना है कि यह राशि योजना के सुचारू संचालन, खाद्यान्न उपलब्धता, रसोई संचालन और अन्य व्यवस्थाओं के लिए आवश्यक है।
4.82 लाख विद्यार्थियों को मिल रहा लाभ
बैठक में शिक्षा सचिव राकेश कंवर ने प्रदेश का पक्ष रखते हुए बताया कि हिमाचल प्रदेश में प्री-नर्सरी से लेकर आठवीं कक्षा तक के करीब 4.82 लाख विद्यार्थियों को प्रतिदिन मध्याह्न भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से दुर्गम और जनजातीय क्षेत्रों में यह योजना बच्चों के पोषण स्तर को बेहतर बनाने और स्कूलों में विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। प्रदेश सरकार ने केंद्र से खाद्यान्न, कुक-कम-हेल्पर मानदेय, परिवहन, रसोई गैस और अन्य संचालन खर्चों के लिए पर्याप्त बजट उपलब्ध करवाने का अनुरोध किया है।
पहाड़ी राज्य होने से बढ़ता है संचालन खर्च
शिक्षा विभाग ने बैठक में यह भी बताया कि हिमाचल प्रदेश की भौगोलिक परिस्थितियों के कारण योजना के संचालन पर अतिरिक्त खर्च आता है। पहाड़ी और दूरदराज क्षेत्रों में भोजन सामग्री पहुंचाने, गैस आपूर्ति और अन्य आवश्यक संसाधनों के प्रबंधन में मैदानी राज्यों की तुलना में अधिक लागत आती है। विभाग का कहना है कि पर्याप्त वित्तीय सहायता मिलने से योजना को अधिक प्रभावी तरीके से लागू किया जा सकेगा और विद्यार्थियों को नियमित लाभ मिलता रहेगा।
समग्र शिक्षा अभियान के तहत भी मांगा जाएगा बजट
प्रदेश सरकार मंगलवार को समग्र शिक्षा अभियान के तहत भी केंद्र सरकार से 746 करोड़ रुपये के बजट की मांग करेगी। बताया जा रहा है कि 20 मई के बाद प्रोजेक्ट अप्रूवल बोर्ड की मुख्य बैठक आयोजित होगी, जिसमें विभिन्न राज्यों से प्राप्त प्रस्तावों पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। इसी बैठक में हिमाचल प्रदेश को मिलने वाली राशि को भी अंतिम रूप दिया जाएगा।