बागवानी मंत्री ने चण्डीगढ़ से चेरी एवं प्लम की पहली निर्यात खेप को ओमान के लिए हरी झंडी दिखाकर किया रवाना
हिमाचल प्रदेश से चेरी और प्लम की पहली निर्यात खेप रविवार को ओमान के लिए रवाना की गई। एचपीएमसी और एपीईडीए के सहयोग से भेजी गई इस खेप में शिमला जिले के जड़ोल-टिक्कर और बागी क्षेत्र के किसानों द्वारा उत्पादित 800 किलोग्राम फल शामिल हैं।
चंडीगढ़/शिमला
ओमान के लिए पहली निर्यात खेप रवाना
राजस्व एवं बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने चंडीगढ़ से चेरी और प्लम की पहली निर्यात खेप को ओमान के लिए हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस खेप में शिमला जिले के जड़ोल-टिक्कर और बागी क्षेत्र के छह प्रगतिशील किसानों द्वारा उत्पादित 400 किलोग्राम चेरी और 400 किलोग्राम प्लम शामिल हैं। फल हवाई मार्ग से भेजे गए हैं।
अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच बनाने की पहल
बागवानी मंत्री ने कहा कि मध्य-पूर्व और खाड़ी देशों में हिमाचल प्रदेश के फलों के लिए निर्यात की संभावनाएं बढ़ रही हैं। उनके अनुसार यह पहल स्टोन फ्रूट उत्पादकों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच बनाने का अवसर देगी। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में अन्य बागवानी उत्पादों के निर्यात की संभावनाओं पर भी कार्य किया जाएगा।
उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादन पर दिया जोर
जगत सिंह नेगी ने किसानों से अंतरराष्ट्रीय बाजार की आवश्यकताओं के अनुरूप उच्च गुणवत्ता वाली किस्मों का उत्पादन करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि एचपीएमसी बागवानों के लिए नए निर्यात अवसर विकसित करने की दिशा में कार्य जारी रखेगी। मंत्री के अनुसार निर्यात के लिए गुणवत्ता, ग्रेडिंग और पैकिंग मानकों का पालन आवश्यक है।
एचपीएमसी और एपीईडीए का सहयोग
यह निर्यात एचपीएमसी द्वारा कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीईडीए), वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से किया गया। ग्रेडिंग, पैकिंग, गुणवत्ता परीक्षण और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का व्यय एचपीएमसी ने एपीईडीए के सहयोग से वहन किया। इस व्यवस्था का उद्देश्य किसानों को निर्यात प्रक्रिया में आवश्यक सहायता उपलब्ध कराना है।
कार्यशाला के निर्णय के बाद भेजी गई पहली खेप
उल्लेखनीय है कि 7 जून को ठियोग में एपीईडीए और एचपीएमसी द्वारा स्टोन फ्रूट उत्पादकों के लिए संयुक्त कार्यशाला आयोजित की गई थी। इस दौरान मध्य-पूर्व और खाड़ी देशों में निर्यात को बढ़ावा देने पर चर्चा हुई थी और पहली निर्यात खेप भेजने का निर्णय लिया गया था। उसी निर्णय के अनुरूप चेरी और प्लम की यह पहली खेप ओमान के लिए रवाना की गई। इस अवसर पर एचपीएमसी के प्रबंध निदेशक डी.सी. राणा, महाप्रबंधक सनी शर्मा और एपीईडीए के क्षेत्रीय अधिकारी हरप्रीत सिंह भी उपस्थित रहे।